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बीजेपी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर टीएमसी पर उम्मीदवारों के डेटा में सेंध लगाने का लगाया आरोप, साथ ही TMC के एक्स हैंडल को निलंबित करने की मांग की

BJP wrote a letter to the Election Commission, accusing TMC of breaching the candidates' data, and also demanded suspension of TMC's X handle

WRITER- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: सोमवार, 1 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है। बीजेपी ने आरोप में कहा है कि  तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पार्टी उम्मीदवार रेखा पात्रा की निजी जानकारी सोशल मीडिया पर डालकर उनकी निजता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। बता दें कि बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बाकि बचे चुनाव प्रचार की अवधि के लिए TMC (तृणमूल कांग्रेस) के सोशल मीडिया हैंडल एक्स को निलंबित कर दिया जाए साथ ही टीएमसी इस घृणित कार्य के लिए पार्टी की उम्मीदवार रेखा पात्रा से बिना शर्त माफी मांगे। 

क्या है बीेजेपी का आरोप- 

बता दें कि बीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि टीएमसी के सोशल मीडिया प्रभारी देबगांशु भट्टाचार्य और पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल ने बीजेपी उम्मीदवार रेखा पात्रा की निजी जानकारी, उनका निजी फोन नंबर और उनके बैंक विवरण सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जो "उसकी निजता के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है।" 

“पोस्ट में बशीरहाट से भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा का व्यक्तिगत विवरण था।  बीजेपी द्वारा लिखे गए पत्र के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस ने  राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना, स्वास्थ्य सारथी और दुआरे सरकार योजना का लाभार्थी होने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनका मजाक उड़ाया। जिसका एकमात्र उद्देश्य उन्हें खराब छवि दिखाना था।'' 

बीजेपी ने जताई चिंता- 

बीजेपी ने इस बात पर भी चिंता जताई कि कैसे टीएमसी के पास लाभार्थियों के गोपनीय निजी डेटा तक "गैरकानूनी पहुंच" है, जो राज्य सरकार के विशेष हिरासत में है। पत्र में कहा गया है, "एआईटीसी और उसके पदाधिकारियों द्वारा रेखा पात्रा के निजता के अधिकार का उल्लंघन किया गया है। इसके अलावा एआईटीसी द्वारा सरकारी डेटा तक पहुंच प्रथम दृष्टया डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन करती है।"

 

बीजेपी द्वारा लिखे गए पत्र में आगे कहा गया कि यह आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ चुनाव कानूनों का उल्लंघन है, साथ ही निजता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। पार्टी ने कहा कि, यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के अनुसार मानहानि के तहत भी एक अपराध है। 

चुनाव आयोग से बीजेपी की अपील- मामले की हो उच्च स्तरीय जांच

भाजपा ने चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं की डेटा सुरक्षा में किसी भी तरह की सेंध को रोकने का निर्देश देने और डेटा में सेंध कैसे लगी, इसका पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने का आग्रह किया है। 

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