शुक्रवार 17 मार्च को भारत और ऑस्टैलिया के खिलाफ खेले गए पहले एकदिवशीय मुकाबले में भारत ने ऑस्टैलियाई टीम को 5 विकेट से मात दी थी। जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए कंगारु टीम ने मात्र 188 रन ही बनाया था। जिसके बाद 3 मैचों की श्रृंखला के दूसरे मुकाबले में रविवार 19 मार्च को भारतीय टीम को ठीक पहले मैच में ऑस्टैलिया की टीम की तरह हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि रविवार को पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत से ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजी के लिए उतरे भारतीय ओपनर गिल और कप्तान रोहित एक बार फिर से बड़ा करीश्मा दिखाने से चुक गए। गिल बिना खाता खोले ही पवेलियन की तरफ लौट गए। रोहित ने भी मात्र 13 रनों का ही योगदान दिया। भारत का मिडिल ऑर्डर भी खास कारनामा नहीं कर पाया और नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाता चला गया। भारत की तरफ से कोहली ने 31 तो अक्षर पटेल ने 29 रनों की पारी खेली इसके अलावा टी20 के विश्व के नंबर 1 बल्लेबाज सूर्यकुमार भी कुछ खास कारनामा नहीं कर पाए। भारत के 4 प्लेयर 0 की निजी स्कोर पर पवेलियन की तरफ लौट गए। मात्र 26 ओवरों में ही पूरी भारतीय दल मात्र 117 रन के निजी स्कोर पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए यह काफी निराशाजनक खेल का प्रदर्शन रहा। भारतीय कप्तान रोहित ने इस बात को प्रेस वार्ता के दौरान बताया की हमारे खिलाड़ीयों ने अच्छा खेल नहीं दिखाया। जिसका मुख्य कारण धैर्य खोना और साथ ही घुमती हुई गेंद थी।

भारत के द्वारा ऑस्टैलिया को दिए गए 117 रनों के कम स्कोर को कंगारु टीम ने बिना विकेट गंवाए 11 ओवरों में ही हासिल कर लिया। ऑस्टैलिया के तरफ से दोनों ही ओपनर ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और अर्धशतकीय पारी भी खेली। मार्श ने 66 तो ट्रेविस हेड ने 51 रनों की धुवांधार पारी खेली। भारत के लिए शुरुआत से ही चिंता का कारण ऑस्टैलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क रहे। उन्होंने भारत के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 5 विकेट हासिल किेए। जिसमें प्रमुख रुप से रोहित, गिल, राहुल औऱ सूर्यकुमार शामिल रहे। बता दें कि ऑस्टैलिया की तरफ से अबॉट ने 3 औऱ एलिस ने कुल 2 विकेट हासिल किए और भारतीय पारी को महज 117 पर ऑलआउट कर मैच को अपने नाम किया। साथ ही सीरिज में 1-1 की बराबरी भी की। ऑस्टैलिया के दूसरे एकदिवसीय मैंच में जीत दिलाने वाले हिरो मिसेल स्टार्क को प्लेयर आफ दी मैच चुना गया।

मैंच में जीत के बाद स्टार्क ने कहा कि मैंने वर्षों से व्यापार सीखा है। पिछले कुछ हफ्तों से मेरी लय अच्छी है। पिछली कुछ रातों में, मैंने गेंद को हवा में आकार दिया और विकेट से थोड़ा हटकर किया। अच्छा महसूस कर रहा हूं, उम्मीद है कि मैं जारी रख सकता हूं। यह एक ऐसी भूमिका है जिसे मैं निभाता हूं, कुछ अन्य लोगों की तुलना में अधिक आक्रामक और थोड़ी फुलर गेंदबाजी करना। मैं थोड़ा अधिक महंगा हो सकता हूं, लेकिन यह सभी बर्खास्तगी में अधिक लाता है, यही वह भूमिका है जो मैं निभाता हूं। कैम ग्रीन जैसे किसी व्यक्ति की तुलना में मेरी बातचीत थोड़ी अलग है। दोनों डेक से तेज गेंदबाजों को मदद मिली है। मुंबई में भी हवा में हलचल रही। मेरा गेम प्लान स्टंप्स पर आक्रमण करना और आउट करने के सभी तरीकों को खेल में लाना है।
भारतीय टीम के हार पर पोस्ट प्रेजेंटेशन शो पर रोहित शर्मा ने कहा कि यदि आप एक गेम हारते हैं, तो यह उचित है निराशाजनक है। हमने बल्ले से खुद को नहीं लगाया। बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं बनाए। यह 117 विकेट नहीं था। विकेट गंवाते रहे और इससे हमें वह रन नहीं मिल रहे थे जो हम चाहते थे। एक बार हमने शुभमन को पहले ओवर में ही आउट कर दिया तो मैंने और विराट ने तेजी से 30-35 रन बना लिए। लेकिन फिर मैंने अपना विकेट खो दिया और हम हार गए हमने लगातार दो विकेट गंवाए। जिससे हम बैक फुट पर आ गए। उस स्थिति से वापस आना हमेशा कठिन होता है। आज का दिन हमारे लिए नहीं था। स्टार्क एक स्तरीय गेंदबाज हैं। वह नई गेंद से ऑस्ट्रेलिया के लिए ऐसा कर रहे हैं। वह अपनी ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करते रहे। नई गेंद को स्विंग कराया और विषम गेंद को दूर ले गए। बल्लेबाजों को अंदाजा लगाते रहे। जब पावर हिटिंग की बात आती है तो मार्श को शीर्ष खिलाड़ियों में से एक होना चाहिए। वह हर बार ऐसा करने के लिए खुद को पीछे करता है।
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