शनिवार 18 मार्च को पंजाब पुलिस द्वारा चलाए गए एक मुहिम में अमृतपाल सिंह के कई समर्थकों एवं सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। शनिवार की सुबह से ही प्रदेश में धारा 144 लगाई गई थी। साथ ही साथ इंटरनेट और मैसेज की सुविधा को बंद किया गया था। पंजाब में चलाए गए इस मुहिम के बाद से ही सभी जगहों को अलर्ट पर रखा गया था। साथ ही सोमवार तक के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया गया था। पंजाब पुलिस से प्रमुख ने साथ ही सभी से शांति बनाए रखने को भी कहा था। जिसके बाद रविवार 19 मार्च की शाम को खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में लंदन में भारतीय हाई कमीशन में तोड़फोड़ की गई। रविवार शाम को सैंकड़ों की संख्या में खालिस्तान समर्थक हाई कमीशन के बाहर जमा हुए। बिल्डिंग में घुसे और तिरंगा उतार दिया। भारत ने इस पर सख्त ऐतराज जताया और दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमिश्नर को तलब किया। विदेश मंत्रालय के विरोध के बाद हाई कमीशन पर अब पहले से ज्यादा बड़ा तिरंगा लगाया गया है। इससे पहले हाई कमीशन पहुंचे खालिस्तान समर्थकों के हाथ में खालिस्तानी झंडा और अमृतपाल सिंह के पोस्टर थे। पोस्टर्स पर लिखा, 'फ्री अमृतपाल सिंह' (अमृतपाल सिंह को आजाद करो), 'वी वॉन्ट जस्टिस' (हमें न्याय चाहिए) और 'वी स्टैंड विथ अमृतपाल सिंह' (हम अमृतपाल के साथ हैं)। एक शख्स को 'खालिस्तान जिंदाबाद' कहते हुए भी सुना गया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नारेबाजी भी की
वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को नारेबाजी करते हुए भी सुना जा सकता है। वो भारत सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। लंदन में स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर हुए हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, घटना के बाद भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलेक्स एलिस ने इसकी निंदा की। उन्होंने कहा- यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं ब्रिटेन में भारतीय हाई कमीशन के लोगों और परिसर में हुए हंगामे की निंदा करता हूं। भारत के विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले पर सख्त आपत्ति जताई है। मंत्रालय ने कहा- हाई कमीशन के बाहर पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं लगाई गई? सिक्योरिटी की कमी के चलते ही खालिस्तानी अंदर घुस पाए। ब्रिटेन में भारतीय डिप्लोमैट्स और एंबेसी की सुरक्षा को लेकर ब्रिटिश सरकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। यह सीधे तौर पर वियना कन्वेंशन के नियमों का उल्लंघन है। हमें उम्मीद है कि इसपर तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

अब तक पुलिस 114 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूरे सूबे में फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं। वहीं अमृतपाल के समर्थकों ने दावा किया कि उसे देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है। शनिवार को 7 की गिरफ्तारी के बाद रविवार की शाम तक पंजाब पुलिस द्वारा कुल मिलाकर 34 से अधिक की गिफ्तारी की गई थी जो की अब यह आंक़ड़ा कुल 114 हो चुका है। इस गंभीर मामले को देखते हुए जालंधर DIG ने बोला कि - अमृतपाल का ISI कनेक्शन है।

साथ ही आनंदपुर खालसा फोर्स नाम से आर्मी बना रहा था । इस बात को लेकर वकील का दावा है कि - पुलिस की गिरफ्त में हैं अमृतपाल सिंह। अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दूसरे दिन भी राज्य में अभियान छेड़े हुए है। इधर, जालंधर रेंज के DIG स्वप्न शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमृतपाल के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कनेक्शन का खुलासा किया। ऐसे में अब इस केस में NIA की एंट्री हो सकती है।
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