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''पूरी दुनिया की नजर आज भारत पर है'' CII के सम्मेलन में पीएम मोदी

PM  address inaugural session of CII post Budget conference

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पर उन्होंने एक उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। सीआईआई के द्वारा आयोजित किए गए इस सम्मेलन का उद्देश्य विकास के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण  में उद्योग की भूमिका की रूपरेखा को प्रस्तुत करना है। बता दें कि इसमें विभिन्न क्षेत्र के 1000 से अधिक लोग शामिल हुए। इसके अलावा विदेश से भी अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में शामिल हुए।

1000 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल

दरअसल, पीएम मोदी आज 30 जुलाई को दोपहर 12 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत की ओर यात्रा: केंद्रीय बजट 2024-25 के बाद सम्मेलन' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करने पहुंचे। यह सम्मेलन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विकास के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण में उद्योग की भूमिका की रूपरेखा को प्रस्तुत करना है। इस सम्मेलन में उद्योग, सरकार, राजनयिक समुदाय, थिंक टैंक आदि से 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि अन्‍य लोग देश और विदेश में स्थित विभिन्न सीआईआई केंद्रों के माध्‍यम से जुड़े। 

48 लाख करोड़ का बजट 

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में बजट 16 लाख करोड़ रुपये था और आज बजट बढ़कर 48 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कोरोना, बाढ़, सुनामी जैसे संकट सहे हैं, अगर ये संकट नहीं होते तो भारत तेजी से बढ़ता। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। हम देश के नागरिकों की ईज ऑफ लिविंग पर फोकस कर रहे हैं।

पूरी दुनिया की नजर आज भारत पर

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने पिछले 10 वर्षों में मंत्रालयों के आवंटन में रिकॉर्ड वृद्धि की है, जबकि कर की दरें रिकॉर्ड निम्न स्तर पर आ गई हैं। सरकार जिस गति और स्तर पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है वह अभूतपूर्व है। भारत उच्च वृद्धि और कम मुद्रास्फीति वाला एकमात्र देश है; वैश्विक वृद्धि में इसकी 16 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पूरी दुनिया की नजर आज भारत पर है।

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