ओडिशा की मोहन माझी सरकार द्वारा जगन्नाथपुरी रत्न भण्डार के लिए समिति का गठन किया गया है ताकि जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखी कीमती वस्तुओं की सूची तैयार की जा सके। नई दिल्ली-ओडिशा में हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जगन्नाथ पुरी मंदिर के रत्न भंडार को लेकर काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, माना जा रहा है कि रत्न भंडार जल्द ही खुल सकता है। ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को दोबारा खोलने की प्रक्रिया की निगरानी करने के लिए एक नयी उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। ओडिशा की मोहन माझी सरकार द्वारा नयी समिति का गठन इसलिए किया गया है ताकि जगन्नाथपुरी मंदिर के रत्न भंडार में रखी कीमती वस्तुओं की सूची तैयार की जा सके। गुरुवार को राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि इस संबंध में समिति का गठन उड़ीसा हाई कोर्ट के निर्देशानुसार किया गया है।
इससे पहले इसी साल मार्च महीने में ओडिशा की पूर्ववर्ती नवीन पटनायक की बीजेडी सरकार ने रत्न भंडार में रखे आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की सूची की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस अरिजीत पसायत की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति का गठन किया था। नई सरकार ने इस समिति को भंग कर के नयी समिति का गठन कर दिया है।
#WATCH | Bhubaneswar: On the Odisha government forming a new committee for inventorisation of valuables stored in Ratna Bhandar of Shri Jagannath Temple, state's Law Minister Prithviraj Harichandan says, "...We have formed a committee as per the order of High Court. It is a… pic.twitter.com/bJ7DfUHOwj
— ANI (@ANI) July 5, 2024
जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार
चार धामों में से एक जगन्नाथ मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था. कलिंग वास्तुकला के आधार पर बने इस मंदिर में एक रत्न भंडार भी बनाया गया है. इसी रत्न भंडार में जगन्नाथ मंदिर के तीनों देवताओं जगन्नाथ, बालभद्र और सुभद्रा के गहने रखे गए हैं. कई राजाओं और भक्तों ने भगवान को जेवरात चढ़ाए थे. उन सभी को रत्न भंडार में रखा जाता है. जगन्नाथ मंदिर का यह रत्न भंडार दो भागों में बंटा हुआ है, भीतर भंडार और बाहर भंडार.बाहरी भंडार में भगवान को अक्सर पहनाए जाने वाले जेवरात रखे जाते हैं. वहीं जो जेवरात उपयोग में नहीं लाए जाते हैं, उन्हें भीतरी भंडार में रखा जाता है. रत्न भंडार का बाहरी हिस्सा अभी भी खुला है.लेकिन भीतरी भंडार की चाबी गायब है.रत्न भंडार को अंतिम बार 14 जुलाई 1985 में खोला गया था
मंदिर के रत्न भंडार को खोलने की मांग
जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को खोलने की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है. इसको लेकर हाई कोर्ट में कई पीआईएल भी दाखिल की गईं.इनमें रत्न भंडार खोलने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी.इन पर सुनवाई करते हुए 2018 में ओडिशा हाई कोर्ट ने खजाने की जांच-पड़ताल के लिए रत्न भंडार को खोलने का आदेश दिया था.लेकिन चाबी न होने की वजह से यह काम नहीं हो पाया. ओडिशा के कानून मंत्री जगन्नाथ सरकार ने इस साल फरवरी में विधानसभा में बताया था कि जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को इस साल रथ यात्रा के दौरान खोला जाएगा.इस साल रथयात्रा का आयोजन सात जुलाई को प्रस्तावित है.
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