नई दिल्ली: सोमवार, 6 अक्टूूबर को बिहार में होने वाले विधानसभा के चुनाव के तारीख की घोषणा चुनाव आयोग की ओर से कर दी गई है। चुनाव आयोग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर 2 चरणों में चुनाव होगें। पहली वोटिंग 6 नवंबर गुरुवार को होगी। दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी और वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी।
बता दें कि बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 38 सीटें अनुसूचित जाति और 02 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। कुल मतदाताओं की संख्या की बात की जाए तो बिहार में कुल मतदाता 7.43 करोड़ हैं जिनमें पुरुष मतदाता- 3.92 करोड़ और महिला मतदाता- 3.5 करोड़ करोड़ हैं। बिहार में इस बार चुनाव के लिए 90712 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसमें हर बूथ पर अवरेज 818 मतदाता मतदान करेंगे। शहरी इलाकों में 13911 पोलिंग स्टेशन, जबकि ग्रामीण इलाकों में 76801 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। जिसमें बिहार में सुगम और सफलता पूर्वक चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की टीम कुल 250 केन्द्रों पर घोड़े से और 197 मतदाता केन्द्रों पर नाव से पहुंचेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव के 100 साल पूरे हो चुके हैं ऐसे में कुल 14 हजार नए औऱ युवा वोटर पहली बार वोट डालेंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव न केवल मतदाताओं के लिए बहुत ही सुगम और सरल होंगे, न केवल कानून व्यवस्था पर पूर्ण निगरानी रखी जाएगी, बल्कि पूर्ण पारदर्शी तरीके से होने वाले ये चुनाव सबसे अच्छे चुनाव परिलक्षित हों, ऐसी आयोग की मंशा है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में सुगम चुनाव के लिए जीरो टॉलेरेंस पॉलिसी को लागू किया जाएगा। बिहार चुनाव में मतदाताओं और उम्मीदवारों को किसी तरह की धमकी की कोई गुंजाइश नहीं, एजेंसियों को हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार चुनाव पर सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरों का सख्ती से मुकाबला किया जाएगा।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में नई व्यवस्था के तहत मतदाता मतदान कक्ष के ठीक बाहर अपने मोबाइल फोन जमा करा सकते हैं और मतदान करने के बाद वापस ले सकते हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीर रंगीन होगी और क्रम संख्या का फॉन्ट बड़ा होगा। इससे प्रत्याशियों की पहचान आसान होगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने राजनीतिक दलों की मांग के अनुरूप और पारदर्शिता के लिहाज से तय किया है कि मतगणना में ईवीएम के अंतिम दो दौर से पहले डाक मतपत्रों की गिनती करना अनिवार्य होगा।
इलेक्शन कमीशन का हेल्पलाइन नंबर 1950- ज्ञानेश कुमार, भारत में कहीं से भी फोन करें तो +91- STD Code 1950 पर ईआरओ को कॉल कर सकते हैं, उनसे न बात हो तो डीएम से बात कर सकते हैं। इस बार 90,712 बीएलओ रहेंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के मतदाता, मतदाता सूची में अपना नाम जरूर देख लें। अब भी यदि उनका नाम छूट गया है, तो नामांकन से दस दिन पहले तक नाम जुड़वाया जा सकता है।
चुनाव खत्म होने के बाद पार्टियों और पत्रकारों को आंकड़ों की आवश्यकता होती है- CEC, अब नए सिस्टम से चुनाव खत्म होने के कुछ ही दिनों के अंदर आपको सारे आंकड़े वेबसाइट पर मिल जाएंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव में काउंटिंग को लेकर खास व्यवस्था, कई बार मॉक पोल के बाद डेटा डिलीट करना प्रिसाइडिंग ऑफिसर भूल जाते हैं। ऐसे में मिलान सही से नहीं हो पाता। इसलिए जब भी फॉर्म 17 सी में मिसमैच होगा तो वीवीपैट की गिनती की जाएगी।
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