नई दिल्ली: मंगलवार 7 जनवरी को दिल्ली के विज्ञान भवन में चुनाव आयोग के दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया गया। इस मौके पर चुनाव आयोग द्वारा जारी किये गए जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव 5 फरवरी को होगा। और चुनाव परिणाम की घोषणा 8 फरवरी को होगी। दिल्ली में वोटर की संख्या 1.55 करोड़ है। बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में 58 सामान्य और 12 SC सीट शामिल हैं। दिल्ली में 13000 से अधिक पोलिंग स्टेशनों को चयनित किया गया है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए सभी मतदाता केंद्रों पर विशेष सुविधाओं को प्रदान किया जाएगा।
चुनाव आयोग द्वारा इस बार के दिल्ली चुनाव का मोटो 'दिल्ली दिल से वोट करेगी' रखा गया है।
चुनाव आयोग के चीफ ने क्या कहा-
इस मौके पर चुनाव आयोग के चीफ इलेक्सन कमिश्नर संजीव कुमार ने प्रेसेन्टेशन के माध्यम से सभी को संबोधित किया। उन्होंने लोकतंत्र में वोट करने की भागिदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया की भारत जल्दि ही 1 बिलियन वोटरों का देश बन जाएगा जो कि एक विश्व रिकार्ड होगा। उन्होंने बताया कि भारत में वर्ष 2025 में 990 मिलियन वोटर्स की संख्या है। चुनाव आयोग के चीफ ने कहा कि 2020 में बिहार राज्य चुनावों के बाद से 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के चुनावों में 15 अलग-अलग पार्टियाँ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी हैं।
चीफ संजीव कुमार ने आगे बताया कि वोटर लिस्ट को लेकर अफवाहें फैलाई गईं। बिना आधार के कई आरोप लगाए गए। EVM को लेकर भी अफवाह फैलाई गई। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा है कि पारदर्शि चुनाव ही हमारी प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि VoterList की तैयारी के हर चरण में राजनीतिक दलों की भागीदारी होती है। पूर्ण प्रकटीकरण, आपत्ति करने का अवसर भी प्रदान किया जाता है औऱ नाम हटाने या जोड़ने में उचित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाता है।
EVM पर क्या कहा-
ईवीएम पर अपनी बात रखते हुए चुनाव आयोग के चीफ कमिश्नर संजीव कुमार ने कहा कि चुनाव के 7 से 8 दिन पहले ईवीएम की कमीशनिंग की जाती है और इसकी जानकारी पूरी तरह से प्रत्यासी के पास रहती है औऱ EVM candidate की आँखों के सामने से एक बार भी ओझल नहीं होती। हर कदम पर राजनीतिक दलों के एजेंटों, उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है।
आगे उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता औऱ सुरक्षा के साथ कराया जाता है। चाहे वो ईवीएम हो, पोलिंग बूथ हो या फिर ईवीएम की सुरक्षा ही क्यों ना हो। उन्होंने कहा कि चुनाव औऱ ईवीएम को लेकर फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की गलत सूचना पर हमें ध्यान नहीं देना चाहिए। हम पूरी तरह से सूूचना को आपतक पहुंचाने का काम करते हैं। जिससे किसी भी प्रकार का कोई कन्फ्यूजन ना हो। औऱ सभी को सही सूचना औऱ जानकारी प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि मतदाता मतदान में हेराफेरी - असंभव है। अंतिम वीटीआर की तुलना शाम 5 बजे के आंकड़ों से करना भ्रामक है। मतदान समाप्ति के समय, मतदान अधिकारी कई कार्य करते हैं। फॉर्म 17सी - मतदान केंद्रों पर मतदान समाप्ति के समय मतदान एजेंटों को दिया जाता है।
आगे सीईसी राजीव कुमार ने डाले गए और गिने गए वोटों में अंतर के बारे में उठाई गई चिंताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एजेंटों के पास उपलब्ध फॉर्म 17सी के साथ ईवीएम वोटों का मिलान किया जाता है। VTR ऐप में पोस्टलबैलेट वोट शामिल नहीं हैं, केवल ईवीएम वोट शामिल हैं।
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