राउरकेला, 6 फरवरी- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला में संस्थान के वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव निटरुत्सव 2026 का शुभारंभ 6 फरवरी की संध्या को हुआ। इसके साथ ही कला, संस्कृति, रचनात्मकता और छात्र अभिव्यक्ति से भरपूर तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत हुई। स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के अंतर्गत लिटरेरी एंड कल्चरल सोसाइटी द्वारा आयोजित निटरुत्सव का 11वां संस्करण 6 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। ,
पूर्वी भारत के सबसे बड़े छात्र-संचालित सांस्कृतिक आयोजनों में शुमार इस आयोजन में एसएसी के अंतर्गत कार्यरत 42 छात्र क्लब इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं। इस महोत्सव में पड़ोसी राज्यों के विभिन्न कॉलेजों से आए लगभग 250 छात्र समेत 2,000 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। निटरुत्सव 2026 में कुल 50 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है तथा कला और संस्कृति के विविध क्षेत्रों से 35 आमंत्रित कलाकार एवं अतिथि इसमें शिरकत कर रहे हैं।
महोत्सव का उद्घाटन करते हुए एनआईटी के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने कहा, “इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में छात्र स्वयंसेवकों और स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर की टीम की प्रतिबद्धता और सहभागिता अत्यंत सराहनीय है। विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देना प्रशंसनीय प्रयास है। यह अनुभव प्रतिभागियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।”
प्रो. रोहन धीमान, रजिस्ट्रार, एनआईटी राउरकेला ने कहा, “निटरुत्सव विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के छात्रों को नेतृत्व कौशल विकसित करने, सामूहिक रूप से कार्य करने, रचनात्मक अभिव्यक्ति और कक्षा से परे सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।”
महोत्सव की भावना को रेखांकित करते हुए एसएसी के अध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार पंडा, ने कहा “निटरुत्सव संस्थान की समग्र शिक्षा की परिकल्पना को साकार करता है, जहाँ कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से छात्रों को एकजुट किया जाता है। इस दौरान पूरा परिसर प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनों, प्रस्तुतियों और संवादात्मक गतिविधियों से जीवंत हो उठता है। निटरुत्सव, एनआईटी राउरकेला की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है।
तीन दिवसीय कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ बौद्धिक गतिविधियों का भी समावेश किया गया है। पहले दिन भव्य उद्घाटन के बाद प्रमुख नृत्य प्रतियोगिता ‘फुटलूज़’ और स्ट्रीट डांस बैटल ‘ब्रेकबीट्स’ जैसे ऊर्जावान कार्यक्रम आयोजित किए गए। दूसरे दिन बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधियों का संगम देखने को मिला, जिसमें संस्थान का प्रमुख मॉडल यूनाइटेड नेशंस सम्मेलन ‘निट्रिमुन’, नाट्य एवं मोनो-एक्ट प्रस्तुतियां, क्विज़, फोटोग्राफी प्रदर्शनी और विरासत आधारित ट्रेज़र हंट शामिल रहे। पारंपरिक ओड़िया कला और कहानी कहने की शैली पर आधारित कला प्रदर्शनियों ने बड़ी संख्या में छात्रों को आकर्षित किया।
तीसरे दिन महोत्सव का समापन साहित्यिक प्रस्तुतियों, ‘कारवां 5.0’ जैसी काव्य संध्या, ओपन माइक, फैशन शो ‘फैशनिस्टा’ और ‘स्ट्रीट वोग’, रैप बैटल, संगीत कार्यक्रमों और अन्य संवादात्मक गतिविधियों के साथ भव्य सांस्कृतिक समापन समारोह के रूप में होगा।
Leave Your Comment