नई दिल्ली: साल 2027 कई मायनों में खास होने वाला है, जिसका प्रमुख कारण है पांच राज्यों का विधानसभा चुनाव और उन पांच राज्यों में यूपी सबसे ऊपर है। विधानसभा चुनाव की तैयारीयों की बात की जाए तो यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में राजनीतिक दलों ने अपने कुर्सी की पेटी बांधनी शुरु कर दी है। जुबानी जंग के साथ ही पोस्टर वार और मीम्स का भरमार सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है जो यह दिखाता है कि इन पांच राज्यों का चुनाव किताना अहम और खास होने वाला है।
अगले साल फरवरी-मार्च में हो सकता है चुनाव-
खैर इन सबके परे अगर बात करें तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा, इन चार राज्यों में जनगणना का काम आगे बढ़ा दिया गया है, जबकि पांचवें राज्य मणिपुर में जनगणना का पहला चरण टाल दिया गया है। इन फैसलों से यह लगभग तय हो गया है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का अगला दौर अगले साल फरवरी-मार्च में होगा। इन पांच राज्यों में मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल सबसे पहले 13 मार्च 2027 को खत्म हो रहा है। गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च, पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च, उत्तराखंड का 18 मार्च और उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई को खत्म होगा... इन पांचों राज्यों में 2022 में एक साथ चुनाव हुए थे, लेकिन यूपी विधानसभा की पहली बैठक 22 मई 2022 को हुई थी। चूंकि 2027 में भी इन राज्यों में एक साथ चुनाव होंगे, इसलिए चुनाव आयोग के पारंपरिक तरीके से यानी सबसे पहले खत्म होने वाली विधानसभा (मणिपुर, 13 मार्च) के कार्यकाल से पहले चुनाव पूरे कराने की संभावना है। इस हिसाब से यूपी में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से लगभग 2 महीने पहले वोटिंग हो सकती है।
क्या होगा यूपी का प्लान-
गौर किया जाए तो यूपी में विधानसभा चुनाव उसके कार्यकाल के खत्म होने की तारीख से लगभग दो महीने पहले होंगे। यह पिछले तीन चुनावों के पैटर्न के मुताबिक ही होगा। चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकार के तहत, वह किसी राज्य में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले कभी भी चुनाव करा सकता है। हांलाकि पिछली बार भी यूपी में चुनाव पहले ही संपन्न करा लिए गए थे। आम तौर पर देखें तो विधानसबा चुनाव 1 या 2 चरणों में संपन्न किये जाते हैं पर यूपी जैसे बड़े और ज्यादा आबादी वाले राज्य में कई चरणों में वोटिंग होने की लगभग निश्चितता है, हालांकि बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के पिछले उदाहरणों को देखें तो चरणों की संख्या कम हो सकती है। अगर चुनाव आयोग बिहार की तरह चुनाव को दो चरणों तक सीमित करने का फैसला करता है, तो वोटिंग फरवरी या मार्च की शुरुआत में भी शुरू हो सकती है।
5 में से तीन राज्यों में SIR पूरा 2 में बाकी-
चुनाव वाले तीन राज्यों में SIR का काम पहले ही पूरा हो चुका है और बाकी दो राज्यों में चल रहा है, इसलिए विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले चुनाव आयोग के वहां SIR कराने की संभावना कम है। SIR के आखिर में, UP में वोटर्स की संख्या 13.4 करोड़ है, जो दिखाता है कि वोटर्स की संख्या में 13.2% की कमी है, गोवा में 10.6 लाख यानी कि 10.2% कम और मणिपुर में 19.3 लाख 7.6% की गिरावट थी। पंजाब और उत्तराखंड के लिए फाइनल वोटर लिस्ट अगले कुछ महीनों में जारी की जाएगी। इस बात से यह तय है कि अगले साल यानी कि साल 2027 की शुरुआत में इन 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव होंगे और उनके मुद्दे कितने अहम होने वाले हैं।
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