WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: सोमवार, 5 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र शुरु होने के बाद आज यानी की मंगलवार, 6 फरवरी को उत्तराखंड सरकार के द्वारा UCC(समान नागरिक संहिता) पर विधेयक पेश किया जाएगा। बता दें कि यह विधेयक पेश करने के बाद उत्तराखंड देश का एकलौता ऐसा राज्य बन जाएगा जो समान नागरिक संहिता पर विधेयक पास करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। मंगलवार को इस विधेयक पर सदन में चर्चा होगी। जिसके लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी दलों के विधायकों से चर्चा में सम्मलित होने औऱ अपनी सहभागिता देने का अनुरोध किया है। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी के द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना भी शामिल था। जिसके अनुरुप सरकार द्वारा यह विशेष कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान-
सत्र की शुरूआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि यूसीसी सभी वर्गों के लिए अच्छा होगा और इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों से सदन में सकारात्मक तरीके से विधेयक पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया था।
क्या है यूसीसी(समान नागरिक संहिता)-
बता दें कि भारतीय संविधान के भाग 4 के राज्य के नीति निदेशक तत्त्व के मुताबिक अनुच्छेद 44 के अनुसार भारत के समस्त नागरिकों के लिये एक समान नागरिक संहिता होगी। इसका व्यावहारिक अर्थ है कि, भारत के सभी धर्मों के नागरिकों के लिये एक समान धर्मनिरपेक्ष कानून होना चाहिये। यूसीसी के अंदर राज्य में सभी वर्ग के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, जमीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के समान कानून लागू होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।
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