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Uttarakhand UCC Live: उत्तराखंड विधानसभा में पेश किया गया UCC विधेयक, हंगामें के बीच सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित

Uttarakhand UCC Live: UCC Bill introduced in Uttarakhand Assembly, House proceedings adjourned till 2 pm amid uproar

WRITER- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: सोमवार, 5 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र शुरु होने के बाद आज यानी की मंगलवार, 6 फरवरी को उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा UCC(समान नागरिक संहिता) पर विधेयक पेश किया गया। बता दें कि यह विधेयक पेश करने के बाद उत्तराखंड देश का एकलौता ऐसा राज्य बन गया है जो समान नागरिक संहिता पर विधेयक पास करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।  इस विधेयक पर सदन में चर्चा हो रही है। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी के द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना भी शामिल था। जिसके अनुरुप सरकार द्वारा यह विशेष कदम उठाया गया है। अब ऐसे में विधेयक पेश करने के बाद उसे पढ़ने के लिए सदन द्वारा सभी सदस्यों  को विधेयक की कॉपी दी गई है और साथ ही 2 बजे तक का समय दिया गया है। जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 

विधेयक पर 2 बजे होगी चर्चा- 

2 बजे से पुन: इस विधेयक पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि दोपहर 2 बजे से बिल पर चर्चा शुरू होने के बाद विधायक अपना पक्ष रखेंगे। सरकार की कोशिश आज ही बिल को पास कराने की होगी।  बता दें कि यमुनोत्री निर्दलीय संजय डोभाल ने उत्तराखंड यूसीसी का समर्थन किया है। उनका कहना था कि जनजाति के लोगों को भी यूसीसी में शामिल किया जाए। 

विधेयक पारित करने के बीजेपी के पास है पर्याप्त बहुमत - 

बता दें कि समान नागरिक संहिता को पारित करने के लिए सरकार के पास कुल 47 तो वहीं कांग्रेस के पास कुल 19 सीटें हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि प्रदेश की विधानसभा में इस बिधेयक को पारित करने में बीजेपी सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी। विधानसभा में विधेयक को पेश किये जाने से पहले इसे सोमवार को कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दी जा चुकी है। बिल पेश होते ही उत्तराखंड विधानसभा भारत माता की जय और जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।

विपक्ष का हंगामा- 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा विधेयक विधानसभा के पटल पर रखे जाने के बाद विपक्ष द्वारा सदन में जमकर हंगाम किया गया। विपक्षी दलों के विधायक और नेता हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे हैं। वे सरकार पर सभी वर्गों के हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेताओं के रुख में बिल पेश किए जाने से पहले बदलाव होता दिख रहा है।


क्या  है यूसीसी विधेयक की खास बातें- 

  1. -मिलेगा एडॉप्शन का अधिकार, साथ ही गार्जियनशिप की प्रक्रिया होगी और भी आसान
  2. - अगर किसी कारणवस पत्नी की मौत हो जाती है  तो पति उसके माता-पिता की जिम्मेदारी उठाएगा, यह तब होगी जब पत्नि के माता -पिता का कोई सहारा नहीं होगा। 
  3. - मुस्लिम महिलाओं को भी बच्चा गोद लेने का अधिकार देने का प्रस्‍ताव बिल में है। 
  4. - बिल में शादी का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी करने का प्रस्‍ताव। रजिस्ट्रेशन ना होने पर नहीं मिलेगी सरकारी सुविधाएं।
  5. -  4% जनजातियों को क़ानून से बाहर रखने का प्रावधान 
  6. - लड़कियों को भी लड़कों के बराबर ही विरासत का अधिकार 
  7. - माता-पिता की संपत्ति पर लड़कियों को समान अधिकार
  8. - नए कानून में लिव इन रिलेशनशिप के लिए नियम तथा पंजिकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव
  9. - UCC विधेयक महिला अधिकारों पर केंद्रित है।   
  10. - इसमें बहु-विवाह पर रोक का प्रावधान है।
  11. - लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाने का प्रावधान है। 
  12. - कोर्ट के अलावा हर प्रकार के तलाक पर रोक रहेगी।
  13. -  पुनर्विवाह के लिए किसी भी प्रकार की शर्त पर रोक रहेगी (जैसे हलाला, इद्दत)।

780 पन्नों की ड्राफ्ट, 400 धारायें-

यूसीसी पर ड्राफ़्ट कमेटी की रिपोर्ट कुल 780 पन्नों की है। जिसमें कुल 400 से ज्यादा धाराएं हैं।  इसमें क़रीब 2 लाख 33 हज़ार लोगों ने अपने विचार दिए हैं। इसे तैयार करने वाली कमेटी ने कुल 72 बैठकें की थीं। 

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