WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश इस वक्त काफी चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में सोमवार 21 अगस्त की ठीक सुबह उत्तराखंड के देहरादून में प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा लगातार बारिश के कारण ढह गया है। सावन के आखरी सोमवार के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि पेड़ गिरने के कारण मंदिर के प्रवेश द्वार तक जाने वाला रास्ता आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया था। इस घटना में किसी भी प्रकार से जानमाल की कोई हानी नहीं हुई है।

इससे पहले बुधवार को, देहरादून के पास लांघा रोड पर मद्रासू ग्राम पंचायत के हिस्से जाखन गांव में भूस्खलन और भूस्खलन में 15 घर ढह गए और सात गौशालाएं पूरी तरह से नष्ट हो गईं थी। जिसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ द्वारा बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य किया गया था।
जाखन गांव लगभग 15 परिवारों का घर है, जिनमें 50 लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, इन घटनाओं में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। पिछले सप्ताह देहरादून के कालूवाला क्षेत्र में भी भारी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। बारिश का पानी घरों में घुस गया और सड़कों पर जलभराव हो गया।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के अनुसार, आपदा नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली कि लगातार बारिश से सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया है और देहरादून के कालूवाला क्षेत्र में बारिश का पानी लोगों के घरों में भी घुस गया है, जिससे दैनिक जीवन बाधित हो गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और ऋषिकेश में गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर की समीक्षा भी की। इस मॉनसून में उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई है।
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