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यूपी ने पेश किया अभी तक का सबसे बड़ा बजट, बजट का कुल आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये , कई अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

Uttar Pradesh presents its largest budget yet, totaling ₹9,12,696 crore, with special focus on several key sectors.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। बजट का कुल आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये है, जो पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है, ये वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। यूपी सरकार ने अपने बजट में औद्योगिक विकास और MSME का खास ध्यान रखा है।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि वर्ष 2024-2025 में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दिखाती है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये पहुंच गई है, जो वर्ष 2016-2017 के 54,564 रुपये से दोगुने से अधिक है। वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है।

सरकार ने बहुआयामी गरीबी से लगभग 6 करोड़ लोगों को ऊपर उठाने में सफलता हासिल की है। बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स में यूपी की रैंकिंग 2018-2019 के 29वें स्थान से सुधरकर 2023-2024 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है।

कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाखों किसानों को लाभ मिला है और रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया गया है। विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू.पी. एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी।

रोजगार सृजन पर विशेष फोकस करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण मिशन मोड में दिया जाएगा। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, नए केंद्र स्थापित होंगे और पीपीपी मोड में कौशल संवर्धन एवं जॉब प्लेसमेंट केंद्र लगाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

औद्योगिक निवेश में यूपी ने नया मुकाम हासिल किया है। फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन गया है, जहां देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत होता है। 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां यहां स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी मिली है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले और वर्तमान कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, अवस्थापना, औद्योगिक निवेश, रोजगार, महिलाओं का सशक्तिकरण, युवाओं का कौशल विकास, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन में सर्वांगीण विकास हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में जनविश्वास सिद्धांत पर उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। डिजिटल इन्टरप्रेन्योरशिप योजना पर भी काम होगा।

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