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सर्वजन हितकारी है यूसीसी विधेयक, जानिये क्या खास है यूसीसी विधेयक में

UCC Bill is beneficial for all, know what is special in UCC Bill

WRITER- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: 6 फरवरी को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानी कि यूसीसी विधेयक पेश किया गया। जिसके बाद  बुधवार, 7 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा में यह विधेयक पूर्ण बहुमत के साथ पारित कर दिया गया। जिसके बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया जिसने यूसीसी विधेयक पेश किया और जिसे पारित भी कर दिया गया। बता दें कि यूसीस विधेयक पारित होने के बाद यह कहा जा रहा है कि यह विधेयक पूरी तरह से महिलाओं के लिए अच्छा कानून बताया जा रहा है। इस कानून को लेकर धामी ने कहा कि, यूसीसी मातृशक्ति की सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, संपत्ति में उत्तराधिकार, भरणपोषण को लेकर है। साथ में बुजुर्गों के लिए भी सहायता और सुरक्षा वाला कानून है।कहा जाए तो यह विधेयक सर्वजन हिताय है। 

क्या खास है यूसीसी विधेयक में- 


  1. -मिलेगा एडॉप्शन का अधिकार, साथ ही गार्जियनशिप की प्रक्रिया होगी और भी आसान
  2. - अगर किसी कारणवस पत्नी की मौत हो जाती है  तो पति उसके माता-पिता की जिम्मेदारी उठाएगा, यह तब होगी जब पत्नि के माता -पिता का कोई सहारा नहीं होगा। 
  3. - मुस्लिम महिलाओं को भी बच्चा गोद लेने का अधिकार देने का प्रस्‍ताव बिल में है। 
  4. - बिल में शादी का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी करने का प्रस्‍ताव। रजिस्ट्रेशन ना होने पर नहीं मिलेगी सरकारी सुविधाएं।
  5. -  4% जनजातियों को क़ानून से बाहर रखने का प्रावधान 
  6. - लड़कियों को भी लड़कों के बराबर ही विरासत का अधिकार 
  7. - माता-पिता की संपत्ति पर लड़कियों को समान अधिकार
  8. - नए कानून में लिव इन रिलेशनशिप के लिए नियम तथा पंजिकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव
  9. - UCC विधेयक महिला अधिकारों पर केंद्रित है।   
  10. - इसमें बहु-विवाह पर रोक का प्रावधान है।
  11. - लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाने का प्रावधान है। 
  12. - कोर्ट के अलावा हर प्रकार के तलाक पर रोक रहेगी।
  13. -  पुनर्विवाह के लिए किसी भी प्रकार की शर्त पर रोक रहेगी (जैसे हलाला, इद्दत)।

780 पन्नों की ड्राफ्ट, 400 धारायें-

यूसीसी पर ड्राफ़्ट कमेटी की रिपोर्ट कुल 780 पन्नों की है। जिसमें कुल 400 से ज्यादा धाराएं हैं।  इसमें क़रीब 2 लाख 33 हज़ार लोगों ने अपने विचार दिए हैं। इसे तैयार करने वाली कमेटी ने कुल 72 बैठकें की थीं। 

 

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