WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: 6 फरवरी को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानी कि यूसीसी विधेयक पेश किया गया। जिसके बाद बुधवार, 7 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा में यह विधेयक पूर्ण बहुमत के साथ पारित कर दिया गया। जिसके बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया जिसने यूसीसी विधेयक पेश किया और जिसे पारित भी कर दिया गया। बता दें कि यूसीस विधेयक पारित होने के बाद यह कहा जा रहा है कि यह विधेयक पूरी तरह से महिलाओं के लिए अच्छा कानून बताया जा रहा है। इस कानून को लेकर धामी ने कहा कि, यूसीसी मातृशक्ति की सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा, संपत्ति में उत्तराधिकार, भरणपोषण को लेकर है। साथ में बुजुर्गों के लिए भी सहायता और सुरक्षा वाला कानून है।कहा जाए तो यह विधेयक सर्वजन हिताय है।
क्या खास है यूसीसी विधेयक में-
780 पन्नों की ड्राफ्ट, 400 धारायें-
यूसीसी पर ड्राफ़्ट कमेटी की रिपोर्ट कुल 780 पन्नों की है। जिसमें कुल 400 से ज्यादा धाराएं हैं। इसमें क़रीब 2 लाख 33 हज़ार लोगों ने अपने विचार दिए हैं। इसे तैयार करने वाली कमेटी ने कुल 72 बैठकें की थीं।
Leave Your Comment