नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट को लेकर देशभर में आक्रोश है। मामले के पुस्टीकरण के बाद आंध्र प्रदेश सरकार शक्ति में आ गई है। हाल ही में ने तीन बड़े फैसले भी लिए गए हैं जिसमें कहा गया है कि परंपराओं के अनुसार मंदिर का शुद्धीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मामले की आईजीपी स्तर पर जांच के आदेश दिए गए थे। अब मंदिर की प्रबंधन समिति में सिर्फ वही लोग रहेंगे, जिनकी भगवान के प्रति आस्था होगी। इसके अलावा सभी मंदिरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाएगी, जिसका पालन सभी मंदिरों के लिए अनिवार्य होगा।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने लड्डू प्रसादम विवाद के मद्देनजर एक महा शांतिहोम का आयोजन किया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारी शमाला राव और बोर्ड के अन्य अधिकारियों ने पुजारियों के साथ होम में भाग लिया है।
महा शांति होम
सनातन धर्म में महा शांति होम का आयोजन किसी जगह के शुद्धिकरण के लिए किया जाता है, जिससे वह जगह पवित्र हो जाए। इस होम में विभिन्न प्रकार के मंत्रों का जप किया जाता है।
#WATCH | Andhra Pradesh: TTD (Tirumala Tirupati Devasthanams) organised a Maha Shanti Homam in the wake of Laddu Prasadam row.
— ANI (@ANI) September 23, 2024
Executive officer of Tirumala Tirupathi Devastanam (TTD) Shamala Rao and other officials of the Board participated in the Homamam along with the… pic.twitter.com/Gkh7JFeljT
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच के लिए अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है. सरकार ने जिस SIT का गठन किया है, उसकी निगरानी इंस्पेक्टर जनरल (IG) या इसके ऊपर के स्तर के अधिकारी करेंगे. एसआईटी सभी कारणों की जांच करेगी, जिसमें सत्ता का गलत इस्तेमाल भी शामिल है. जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का कहना है कि सरकार इसे लेकर सख्त कदम उठाएगी,
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