सात्विक उपाध्याय
भारतीय वायुसेना इस साल यानी कि 2026 में अपना 94वां वर्षगांठ मनाएगी। 1932 में शुरू हुए एयरफोर्स डे को हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दौरान परेड और एयर डिस्प्ले का आयोजन किया जाता है। भारतीय सेना के जांबाज पायटल भारतीय आसमान में अपने शौर्य और वीरता की झलक दिखाते हैं। हर आयोजित होने वाले एयर शो में देश के प्रतिष्ठित लड़ाकू विमान हिस्सा लेते हैं साथ ही उनका रनवे पर डिस्प्ले भी लगया जाता है। साल 2026 में एयरफोर्स डे अपने निर्धारित तिथि 8 अक्टूबर को दिल्ली के हिंडन एयरबेस पर मनाया जाएगा। लेकिन इस साल एयर डिस्प्ले या कहें कि एयर शो की तारीख में बदलाव किया गया है, जो कि 22, 23 और 25 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। पर सवाल यह आता है कि इस साल का एयर शो कहां आयोजित होगा... तो साल 2026 में 22 से 25 अक्टूबर के बीच एयर फोर्स द्वारा एयर शो का आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की साक्षी बनी काशी यानी कि वाराणसी में किया जाएगा। वाराणसी में आयोजित होने वाला एयर शो कई मायने में खास होगा जिसको लेकर तैयारियां शुरु की जा चुकी हैं। एयर शो के लिए रिहर्सल का आयोजन 20 अक्टूबर से किया जाएगा।
कौन-कौन होगा एयर शो में शामिल
आगामी 22, 23 और 25 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन के अंतिम दिन वाराणसी के सांसद और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत 5000 से अधिक वीवीआइपी इस आयोजन के दौरान उपस्थित रहेंगे। इस एयर शो को देखने के लिए पूरे पूर्वांचल व आसपास से 25 लाख लोगों के आने की संभावना है। इससे पहले प्रयागराज में एयर शो के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली थी।
एयर शो के पीछे का उद्देश्य
एयरफोर्स के प्रयागराज के अधिकारी और जिला प्रशासन वाराणसी ने इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इसे लेकर बैठक का दौर जारी है। एयर शो काशी में करने के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि काशी, पूर्वांचल, बिहार तक के युवाओं को सेना के जवानों के हैरतअंगेज करतब के माध्यम से सेना और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना साथ ही इस दौरान भारतीय वायुसेना का साहस, शौर्य और पराक्रम देखने को मिलेगा।
ढाई घंटे तक भारतीय लड़ाकू विमान दिखाएंगे करतब

भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य एयर शो दोपहर 12 बजे से ढाई बजे के करीब होगा। इस दौरान राफेल, तेजस, जगुआर, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के विमान और C295 ट्रांसपोर्ट विमान सहित 100 से अधिक लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर काशी के आसमान में करतब दिखाएंगे। पहली बार काशी का आसमान इन लड़ाकू विमान की गर्जना को महसूस करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि एयर शो में शामिल राफेल, सूर्य किरण, तेजस, सी-295 आदि लड़ाकू विमान अस्सी घाट से नमो घाट के बीच करतब दिखाएंगे। इसे 84 घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती में बैठकर देख सकेंगे। इतनी बड़ी संख्या में लोग एयर शो देखने आएंगे इसलिए पार्किंग, आवागमन, आपात स्थिति आदि को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी व्यवस्था की जा रही है।
विमान अलग-अलग जगहों से भरेंगे उड़ान
एयर शो में सौ से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर भाग लेंगे इस कारण वह एक स्थान से उड़ान नहीं भर सकते हैं। इस कारण भाग लेने वाले विमान लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट बाबतपुर के साथ ही प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, गाजीपुर से उड़ान भरेंगे। वे निर्धारित समय पर सही तालमेल के साथ बारी-बारी से आएंगे। ढ़ाई घंटे के इस एयर शो के दौरान यह विमान विशेष फार्मेशन करेंगे। एक बार में तीन और अधिकतम सात विमान आएंगे। अलग-अलग स्थानों से उड़ान भरने के बावजूद विमानों की टाइमिंग और एक साथ करतब में एकरूपता होगी। शो के एक सप्ताह पूर्व से विमानों का आगमन शुरू हो जाएगा। दो-तीन दिनों अभ्यास भी चलेगा। काशी में इस एयर शो का आयोजन युवाओं के साथ भारत के रक्षा जगत को एक नया आयाम देगा जो दर्शनीय होगा।
पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय वायु सेना के इस भव्य एयर शो से वाराणसी के पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालकों, हस्तशिल्प व्यवसायियों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।
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