नई दिल्ली: बीते एक दशक में भारत में अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। ऐसे में 31 अगस्त, सोमवार को भारतीय नौसेना को एक ऐसा जहाज मिलने जा रहा है जो गहरे समुद्र के अंदर किसी भी मिशन को अंजाम दे सकता है। जो समंदर की तेज लहरों और खराब मौसम में स्थिर रह सकता है। समंदर की गहराई में फंसी पनडुब्बी और नौसेनिकों को बाहर निकाल सकता है। समदंर के अंदर अगर कोई शिप या मशीन खराब हो गई है तो उसकी रिपेयर कर सकता है। मतलब ये है कि नेवी को समंदर की थाह अगर लेनी है तो उसे INS निपुण से सारे इनपुट मिल सकते हैं। आज इस जहाज को नौसेना में कमीशन किया जा रहा है।
आपको बता दें कि INS निपुण कोई सामान्य युद्धपोत नहीं है। इसकी असली ताकत समुद्र की सतह के ऊपर नहीं बल्कि उसके नीचे छिपी है। गहरे पानी में गोताखोरी, पनडुब्बी बचाव, समुद्र के भीतर निगरानी और मलबा हटाने जैसे बेहद मुश्किल मिशन इसके जिम्मे होंगे। यानी जिस काम के लिए सामान्य जहाजों की पहुंच सीमित हो जाती है। वहां, निपुण की भूमिका शुरू होगी। बता दें कि इससे पहले जुलाई में भारतीय नौसेना ने एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में माहिर 'मालवन' को अपने बेड़े में शामिल किया था।
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