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''आदेश की अवमानना ​​हुई है तो दोषी अधिकारियों को जेल भेज देंगे'' सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court on bulldozer action near Somnath temple

नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हए  बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर हमारे आदेश की अवमानना ​​हुई है तो दोषी अफसरों को जेल भेज देंगे. साथ ही आदेश देंगे कि सब फिर से बहाल किया जाए. जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर के दिन होगी. 

याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हमारे आदेश की अवमानना हुई होगी तो हम उसे पुनर्स्थापित करने का आदेश देंगे और जिम्मेदार अधिकारी को जेल भी भेजेंगे। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ये सरकार की जमीन है। इस पर कार्रवाई का काम 2023 से चल रहा था। 

क्या था कोर्ट का आदेश
बुलडोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि सिर्फ आरोपी होने पर किसी का घर गिरा देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दोषी होने पर भी घर नहीं गिराया जा सकता है। हालांकि, घर गिराने की अधिकतर कार्रवाई नगर निगम करता है। नगर निगम अपने दायरे में रहकर उन्हीं आरोपियों के घर गिराता है, जिन्होंने घर बनाते समय नियमों का पालन नहीं किया होता है। ऐसे में सॉलीसिटर जनरल ने पहले भी सरकार के बचाव में कहा था कि नियमों के तहत ही सरकारें कार्रवाई कर रही हैं।

बता दें गुजरात के पाटनी मुस्लिम जमात ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी । इसमें गिर सोमनाथ के कलेक्टर और गुजरात के अधिकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया है। इस याचिका में गुजरात के अधिकारियों द्वारा 28 सितंबर को नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना मुस्लिम धार्मिक और आवासीय स्थलों को अवैध रूप से तोड़ने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है, प्रतिवादियों ने 28 सितंबर 2024 को बिना किसी नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए मस्जिदों, ईदगाहों, दरगाहों, मकबरों और आवासीय स्थानों सहित सदियों पुराने मुस्लिम धार्मिक पूजा स्थलों को सुबह-सुबह अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया।
याचिकाकर्ता ने कहा कि गुजरात में अधिकारियों ने तोड़फोड़ करके 17 सितंबर के आदेश का उल्लंघन किया है। याचिका में इन अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। याचिका में गुजरात राज्य के प्रमुख सचिव, गिर सोमनाथ के कलेक्टर, एसपी और अन्य को पार्टी बनाया गया है। ।
 

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