नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा क्षेत्र में अचानक आए तूफान ने भारी तबाही मचा दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चपेट में आने से करीब 35 कच्चे मकान ढह गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। अचानक से आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद से स्थानीय लोग दहशत में हैं और खुले आसमान के नीचे जीवन बसर कर रहे हैं। ये तूफान इतना भयंकर था कि कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और घरों की छतें उड़ गईं। बता दें कि तूफान के कारण सबसे ज्यादा नुकसान रिहायशी इलाकों में हुआ है। कच्चे और कमजोर घर पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि पक्के घरों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। घरों के गिरने और मलबे के गिरने से कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तूफान की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। बेघर हुए परिवारों को अस्थायी आश्रय प्रदान किया जा रहा है और उन्हें भोजन और पानी जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
तूफान ने खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण धान और अन्य फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस भयंकर तूफान से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान इतनी तेजी से आया कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई घरों की छतें उड़ गईं, दीवारें गिर गईं और खेतों में खड़ी फसलें तहस-नहस हो गईं। एक स्थानीय निवासी शैफाली ने बताया कि इस तूफान ने उनका सब कुछ उजाड़ दिया। उनके घर की छत उड़ गई और खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए। यहां तक कि उनके कुछ जानवर भी इस तूफान की चपेट में आकर मारे गए।
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