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सत्य निकेतन हादसा अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम – विजय गोयल

Satya Niketan incident is the result of official negligence – Vijay Goel

नई दिल्ली:  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल ने सत्य निकेतन स्थित पीजी हॉस्टल में छात्रों की मृत्यु की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसके लिए संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और प्रशासनिक चूक को जिम्मेदार ठहराया है।  विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इस मामले में तत्काल प्रभावी कदम उठाते हुए पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, और इससे यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि लापरवाही और अपने दायित्वों का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

 विजय गोयल ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने ट्वीट के माध्यम से सावधान किया था कि एमसीडी (MCD) और सरकार के अधिकारी अपेक्षित रूप से काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय कुछ लोगों को लगा होगा कि शायद इस मुद्दे में राजनीति की जा रही है, लेकिन वास्तव में वह उनके मन की पीड़ा थी। विभिन्न सामाजिक और जनहित के कार्यों के दौरान गोयल को स्वयं अधिकारियों से संबंधित अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसके आधार पर उन्होंने यह चिंता व्यक्त की थी।

विजय गोयल ने कहा कि जब सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि बार-बार सड़कों पर उतरकर अधिकारियों को काम करने के लिए चेतावनी देते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर समस्या है और अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन प्रभावी ढंग से नहीं कर रहे हैं।

 विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली नगर निगम की समस्याएं आज की नहीं हैं। पिछले लगभग दो दशकों में इन समस्याओं ने गंभीर रूप ले लिया है। इस अवधि में अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारें और नगर निगम में अलग-अलग राजनीतिक व्यवस्थाएं रही हैं। इसलिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय यह देखना आवश्यक है कि दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली को किस प्रकार बेहतर बनाया जाए।

गोयल ने कहा कि भ्रष्टाचार, अकर्मण्यता और जवाबदेही के अभाव ने बिसिओं  वर्षों से व्यवस्था में अपनी जगह बना ली है। इसे समाप्त करने के लिए केवल किसी एक घटना के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में वे कई बार दिल्ली नगर निगम के आयुक्त, महापौर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं और लगातार इन समस्याओं को उनके संज्ञान में लाते रहे हैं।

 गोयल ने कहा कि इस समय भी चांदनी चौक में बड़ी संख्या में अनधिकृत निर्माण जारी हैं। कई स्थानों पर छह-छह मंजिल तक निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसे अनधिकृत निर्माणों की सूची भी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

 गोयल ने कहा कि दिल्ली की महापौर और नगर निगम आयुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन आश्वासनों को शीघ्र ही धरातल पर कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा।

 गोयल ने ये भी कहा कि यदि पूरे प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह और सक्रिय नहीं बनाया गया, तो केवल महापौर और आयुक्त भी कई मामलों में बेबस नजर आएंगे। इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि व्यवस्था में जिम्मेदारी तय हो, अधिकारियों की नियमित निगरानी हो और लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई की जाए।

 गोयल ने कहा कि सत्य निकेतन जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल दोषियों पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना जरूरी है जिसमें लापरवाही की गुंजाइश ही न रहे।

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