नई दिल्ली: सोमवार, 14 जुलाई से ही भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन के दौरे पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर के इस दौरे से भारत और चीन के बीच संबंधों व्यापक सुधार होने की उम्मीद है। इस बीच जयशंकर ने पहले बीजिंग में अपने काउंटरपार्ट वांग यी से मुलाकात की और अब उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। विदेश मंत्री ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी है और बताया है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की शुभकामनाएं उन्होंने शी जिनपिंग को दी हैं। बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों में हो रही प्रगति से जुड़ी जानकारी भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को दी। जयशंकर ने इस दौरान इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत और चीन के बीच संबंधों को दिशा देने में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री एससीओ के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे थे।
Called on President Xi Jinping this morning in Beijing along with my fellow SCO Foreign Ministers.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 15, 2025
Conveyed the greetings of President Droupadi Murmu & Prime Minister @narendramodi.
Apprised President Xi of the recent development of our bilateral ties. Value the guidance of… pic.twitter.com/tNfmEzpJGl
अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मिले जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इससे पहले सोमवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बैठक की थी। बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा था पिछले 9 महीनों में द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा था कि भारत और चीन को अब वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में अपने प्रारंभिक भाषण में जयशंकर ने कहा था कि दोनों देशों के बीच संबंध इस आधार पर सकारात्मक रूप से आगे बढ़ सकते हैं कि भारत और चीन के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदलना चाहिए।
वांग यी से पहले जयशंकर ने बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान जयशंकर ने हान झेंग से कहा था कि भारत-चीन संबंधों के निरंतर सामान्य बने रहने से लाभकारी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। जटिल वैश्विक स्थिति को देखते हुए, दोनों पड़ोसी देशों के बीच विचारों का खुला आदान-प्रदान बहुत महत्वपूर्ण है।
बता दें कि, हाल ही में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी बंदरगाह शहर किंगदाओ की यात्रा की थी। चीन शंघाई सहयोग संगठन का वर्तमान अध्यक्ष है और इस नाते इस समूह की बैठकों की मेजबानी कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में, भारत और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं, जो जून 2020 में दोनों सेनाओं के बीच झड़पों के बाद गंभीर रूप से बिगड़ गए थे।
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