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जयपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक सद्भाव बैठक को किया संबोधित, कहा- हिंदू भारत का प्राण और इसे तोड़ने की कोशिश की जा रही

RSS chief Mohan Bhagwat addressed a social harmony meeting in Jaipur, saying Hindus are the soul of India and attempts are being made to break it

नई दिल्ली: शनिवार, 15 नवंबर को सरसंघचालक मोहन भागवत ने जयपुर के मालवीय नगर स्थित पाथेय कण संस्थान के नारद सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। इस दौरान डॉ. मोहन भागवत ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू भारत का प्राण है, इसलिए भारत को तोड़ने की कोशिश करने वाले लोग हिंदुओं को तोड़ना चाहते हैं। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि आज ड्रग्स का जाल फैलाया जा रहा है। इसके पीछे जो ताकतें हैं वो भारत को दुर्बल बनाना चाहती हैं। उन्होंने ये भी कहा कि सद्भावना भारत का स्वभाव है। नियम और तर्क के आधार पर समस्याएं ठीक नहीं हो सकती, इसके लिए सद्भावना चाहिए और हमें यही काम करना है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ भावना यह दुनिया का स्वभाव है। स्वार्थ भावना के आधार पर दुनिया को सुखी करने का प्रयास 2 हजार साल से चल रहा है और विफल हो रहा है क्योंकि स्वार्थ सबका भला नहीं कर सकता। जिसमें ताकत है वो अपना स्वार्थ साध लेता है, उसके मन में कोई संवेदना नहीं रहती। स्वार्थ तो परस्पर विरोधी होता ही है।

हिंदुओं को सतर्क रहने की जरुरत- 

बता दें कि सरसंघचालक मोहन भागवत ने आगे कहा कि, ''समाज को बचाना है तो उसका प्रबोधन करना आवश्यक है। कुछ शक्तियां ऐसी हैं जो भारत को आगे बढ़ना नहीं देना चाहती हैं। हिंदू भारत का प्राण है, इसलिए भारत को तोड़ने का प्रयास करने वाले हिंदुओं को तोड़ना चाहते हैं।''

Two elderly men with gray hair and mustaches wearing yellow kurtas sit side by side at a wooden table with microphones in front of them one gesturing with his hand while the other sits attentively a vase of flowers is on the table chairs with white cushions are behind them and a backdrop displays Hindi text about literature and an orange poster

''पंच परिवर्तन'' पर मोहन भागवत का बयान- 

मोहन भागवत ने कहा कि पंच परिवर्तन का कार्यक्रम हमने दिया है। बहुत सरल कार्यक्रम है। यह समरसता, पर्यावरण, कुटुम्ब प्रबोधन, जागरण और नागरिक कर्तव्य का कार्यक्रम है। परिवार में आत्मीयता होती है तो ड्रग और लव जिहाद जैसी बातें हमेशा दूर रहती हैं। हमें पर्यावरण के लिए छोटी-छोटी बातें करनी हैं, पानी बचाओ, सिंगल यूज प्लास्टिक हटाओ और पेड़ लगाओ।

उन्होंने कहा कि सद्भावना के आधार पर ये बातें समाज के आचरण में लानी हैं, यह तब आएंगी जब पहले हम इसे अपने आचरण में लाएंगे। सब में सम्मान, प्रेम और आदर रहेगा तो सारे संकट समाप्त हो जाएंगे। जान लें कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल, प्रदेश के विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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