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राम विवाद नहीं राम समाधान है, राम आग नहीं राम तो ऊर्जा हैं, राम वर्तमान नहीं राम तो अनंत काल हैं: पीएम मोदी

Ram is not a dispute, Ram is a solution, Ram is not fire, Ram is energy, Ram is not present, Ram is eternity: PM Modi

WRITER- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे राम अब आ गए हैं। इस क्षण के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई। पीएम मोदी ने कहा अब हमारे रामलला टेंट में नहीं रहेंगे। अब से वह दीव्य मंदिर में रहेंगे।  पीएम मोदी ने कहा कि ये क्षण अलोकिक है, ये घड़ी, ये ऊर्जा प्रभु श्री राम का हम सब पर आशीर्वाद है।

पीएम मोदी ने आगे अपने संबोधन में  कहा कि आज का दिन नए काल चक्र का उदगम है। राम मंदिर के शिलांयास के बाद हर राम भक्त को इस दिन का इंतजार था। पीएम मोदी ने कहा कि 1000 साल बाद भी लोग इस पल की बात करेंगे। ये रामकृपा ही है कि हम इस क्षण को जी रहे हैं। ये समय सामान्य समय नहीं है। ये काल के चक्र पर सर्वकालिक स्याही से अंकित हो रही अमिट स्मृति रेखाएं हैं। पीएम मोदी ने कहा जहां राम का काम होता है वहां हनुमान भी होते हैं।  इसलिए मैं भगवान हनुमान, मां जानकी , लक्ष्मण को भी प्रणाम कर रहा हूं। 

पीेएम मोदी की रामलला से क्षमा याचना- 

पीएम मोदी ने आगे बड़े ही आदर भाव से कहा कि  मैं प्रभु राम से क्षमा याचना भी करता हूं। हमारे त्याग में कुछ तो कमी रही होगी कि हम सदियों तक ये कार्य कर नहीं पाए। आज ये कमी पूरी हुई। मैं आशा करता हूं कि भगवान राम हमें क्षमा करेंगे। 

पीएम मोदी ने आगे कहा हमारी कई कई पीढ़ियों ने वियोग सहा है। संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। पीएम मोदी ने कहा मैं आभार व्यक्त करूंगा भारत की न्यायपालिका को जिसने ये फैसला दिया। ये मंदिर भी न्यायबद्ध तरीके से ही बना है। आज गांव गांव में कीर्तन और उत्सव हो रहे हैं। आज पूरा देश आज दीपावली मना रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि त्रेता युग में जिस तरह से प्रभु राम के अयोध्या आने पर काल चक्र बदला था वैसे ही अब प्रभु राम के मंदिर में विराजमान होने पर आज से काल चक्र एक बार फिर बदलेगा। 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भगवान राम भारत की आत्मा के कण-कण से जुड़े हुए हैं। आज उनके बिना और कुछ भी नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि हर युग में लोगों ने राम को जिया है। हर युग में लोगों ने राम को अभिव्यक्त किया है।  प्राचीन काल से ही लोग राम कथा का आचमन करते रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये क्षण हमारे लिए विजय के साथ-साथ विनय का भी। हमें इसके बारे में अच्छे से पता है।  पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक मौके पर आगे जोर देते हुए कहा कि ऐसे भी लोग थे जो कहते थे राम मंदिर बना तो आग लग जाएगी।  राम मंदिर का निर्माण आपसी धौर्य सद्भाव का भी उदाहरण है।

राम आग नहीं राम ऊर्जा हैं - पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि राम विवाद नहीं राम समाधान है, राम आग नहीं राम तो ऊर्जा हैं, राम वर्तमान नहीं राम तो अनंत काल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये सिर्फ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा नहीं है। ये सर्वोच्च आदर्शों और मूल्यों की भी प्राण प्रतिष्ठा है। ये राम के रूप में राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।  राम भारत की आस्था, राम भारत का विचार, राम भारत का विधान, राम भारत की चिंता, राम भारत का प्रताप है, राम प्रभाव, राम नीयत भी, राम निरंतरता भी है। राम व्यापक है,राम विश्व है। इसलिए जब राम की प्रतिष्ठा होती है तो उसका प्रभाव हजारों वर्षों के लिए होता है। 

पीएम मोदी ने कहा कि आज सिर्फ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है। आज से रामराज्य की स्थापना हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि हमे आज से इस पवित्र समय से अगले एक हजार साल के भारत की नींव रखनी है। मंदिर निर्माण से आगे बढ़कर हमें इसी पल से समर्थ, सक्षण, दीव्य भारत के निर्माण की सौगंध लेते हैं। राम के विचार मानस के साथ ही जन मानस में भी यही राष्ट्र निर्माण की सीढ़ी है।

पीएम मोदी ने कहा कि मां शबरी तो लंबे समय से कह रही थी कि राम आएंगे। यही तो है देव से देश औऱ राम से राष्ट्र की चेतना का विस्तार।  पीएम मोदी ने कहा कि आज अगर कोई ये सोचता है कि वह बहुत छोटा है तो उसे गिलहरी के योगदान को याद करना चाहिए। गिलहरी का स्मरण ही हमारी इस हिचक को दूर करेगा। हमे याद दिलाएगा कि छोटे प्रयास की भी अपनी एक ताकत होती है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत युवा शक्ति से भरा हुआ है। ऐसी सकारात्मक परिस्थितियां ना जानें कितने साल बाद बनेगी। हमे अब चूकना नहीं है हमे अब बैठना नहीं है।  आप उस  भारत से हैं जो आज चांद पर तिरंगा लहरा रहा है। जो आज सूरज पर भी मिशन भेज रहे हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि ये भव्य राम मंदिर भारत के उदय का साक्षी बनेगा। ये मंदिर सिखाता है अगर लक्ष्य सत्यप्रमाणित हो तब उस लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है। अब भारत आगे बढ़ने वाला है। हम सबने इस कालखंड का इंतजार किया है। हम अब रूकेंगे। हम विकास की ऊंचाई तक जाकर ही रहेंगे। 

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