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जहरीली हवा का कहर, गैस चैंबर में तब्दील हुई राजधानी दिल्ली

Poisonous air wreaks havoc, capital Delhi turns into gas chamber

प्रदुषण के कारण दिल्ली तथा आसपास के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जुझना पड़ रहा है। प्रदूषण के अति गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण अनेक लोग सुबह की सैर और खेल समेत खुले में की जाने वाली अपनी गतिविधियों को टालने के लिए मजबूर हुए हैं।


WRITER- सात्विक उपाध्याय

नई दिल्ली: लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर ने राजधानी की चिंता काफी बढ़ा दी है। प्रदूषण के कारण लगातार दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब हो गई है।  दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनता दिख रहा है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों वायु की गुणवत्ता (AQI) लगातार  400 से ज्यादा है। बता दें कि  दिल्ली के में वजीरपुर में AQI 437, आर के पुरम में AQI 434, नेहरू नगर में AQI 426, शादीपुर में दिल्ली AQI 451, ओखला में AQI 436, बवाना में AQI 434, मुंडका में AQI 424, आनंद विहार में 438, करणी सिंह शूटिंग रेंज में AQI 451 दर्ज किया गया है। वहीं शुक्रवार को दिल्ली के आनंद विहार में सुबह 10 बजे वायु की गुणवत्ता 700, दिल्ली से सटे नोएडा में भी वायु गुणवत्ता 650  के पार पहुंच गई थी। 

प्रदुषण के कारण दिल्ली तथा आसपास के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जुझना पड़ रहा है। प्रदूषण के अति गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण अनेक लोग सुबह की सैर और खेल समेत खुले में की जाने वाली अपनी गतिविधियों को टालने के लिए मजबूर हुए हैं। प्रदूषण को देखते हुए पहले ही दिल्ली में 5तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। 

प्रदुषण को देखते हुए एलजी ने बुलाई बैठक- 

बता दें कि राजधानी में प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना (LG VK Saxena) ने शुक्रवार को  पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के साथ बैठक की थी।  इस बैठक के दौरान धान की पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों, खासकर पंजाब से अपील करने का निर्णय लिया गया था। बैठक में अंतरिम उपाय अपनाने का भी निर्णय लिया गया, जैसे कि पर्यावरण विभाग द्वारा लोगों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने के लिए सलाह जारी करना, स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारी और मशीनीकृत सड़क सफाईवाहनों, पानी की बौछार करने वाले वाहनों व एंटी-स्मॉग गन का इष्टतम उपयोग करना शामिल है। 

दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यूपी सरकार से प्रदूषण को देखते हुए अनुरोध किया और कहा कि ,"दिल्ली में, केवल इलेक्ट्रिक बसें और सीएनजी बसें हैं, लेकिन यूपी से प्रतिबंधित बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों को आनंद विहार बस डिपो में भेजा जा रहा है। मेरा उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि वे ऐसे वाहनों को भेजना बंद करें जो इतना धुआं छोड़ते है।" .. हमने फिलहाल दिल्ली में सभी निर्माण रोक दिए हैं, और बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन ये वाहन बाहर से आ रहे हैं, मैं योगी से इसे रोकने का अनुरोध करता हूं ताकि हम वाहन के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित कर सकें।"

आस-पास के किन राज्यों में हो रही समस्याएं- 

वायु गुणवत्ता का संकट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। इस भारी असर पड़ोसी राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में  देखने को मिल रहा है।  जहां वायु गुणवत्ता हानिकारक स्तर पर दर्ज की गयी है। बीते कुछ दिनों में एक्यूआई गिरकर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। 

इन शहरों में राजस्थान में हनुमानगढ़ (401), भिवाड़ी (379) और श्री गंगानगर (390), हरियाणा में हिसार (454), फतेहाबाद (410), जींद (456), रोहतक (427), बल्लभगढ़ (390), बहादुरगढ़ (377), सोनीपत (458), कुरुक्षेत्र (333), करनाल (345), कैथल (369), भिवानी (365), फरीदाबाद (448) और गुरुग्राम (366) तथा उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद (414), बागपत (425), मेरठ (375), नोएडा (436) और ग्रेटर नोएडा (478) शामिल हैं। 

प्रदूषण नियंत्रण योजना के तीसरे चरण को लागू करते हुए सीएक्यूएम ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र में गैर-जरूरी निर्माण कार्य, पत्थर तोड़ने और खनन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। 

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