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ओडिशा दिवस (उत्कल दिवस) आज, जानिए क्यों मनाया जाता है उत्कल दिवस

Odisha Day (Utkal Divas) is today, know why Utkal Divas is celebrated

नई दिल्ली: आज 1 अप्रैल 2026 को देश भर में ओडिशा दिवस (उत्कल दिवस) मनाया जा रहा है, क्योंकि आज ही के दिन 1936 में ओडिशा राज्य की स्थापना हुई थी। जिसके बाद से ही हर साल इस उत्कल दिवस को खास रुप से ओडिशा तथा पूरे भारत में मनाया जाता है। वहीं बता दें कि  'ओडिशा पर्व' का इस वर्ष का उत्सव राजधानी दिल्ली में पहले ही संपन्न हो चुका है। जिसका आयोजन 13 मार्च से 15 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया था।

इस बार राजधानी दिल्ली में मनाए गए ओडिशा पर्व इसलिए भी खास रहा क्योंकि  'ओडिया समाज' द्वारा आयोजित इस उत्सव में ओडिशा की समृद्ध विरासत, पट्टचित्र कला, हस्तशिल्प, कटक दहीबड़ा व जगन्नाथ महाप्रसाद जैसे लजीज व्यंजन और संबलपुरी व छऊ जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया था।  इस वर्ष की थीम 'प्रकृति और संस्कृति' (Nature & Culture) रखी गई थी। 

उत्कल दिवस क्या है?

उत्कल दिवस , जिसे उत्कल दिबासा भी कहा जाता है , ओडिशा का राज्य स्थापना दिवस है। यह उस दिन को चिह्नित करता है जब ब्रिटिश शासन के दौरान 1 अप्रैल, 1936 को ओडिशा एक अलग प्रांत बना था। यह दिन व्यापक रूप से इस नाम से जाना जाता है:

  • ओडिशा दिवस

  • ओडिशा स्थापना दिवस

  • उत्कल दिबासा

  • उत्कल दिवस

यह महत्वपूर्ण दिवस ओडिया भाषी लोगों की सांस्कृतिक पहचान और एकता का जश्न मनाता है।

उत्कल दिवस 2026 की तिथि

  • दिनांक: 1 अप्रैल 2026

  • दिन: बुधवार

हर साल, ओडिशा दिवस पूरे राज्य में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

ओडिशा दिवस क्यों मनाया जाता है?

ओडिशा स्थापना दिवस भारत के पहले भाषाई राज्य के रूप में ओडिशा के गठन का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है ।

1936 से पहले:

  • ओडिशा बंगाल प्रेसीडेंसी, बिहार और मध्य प्रांतों का हिस्सा था।

  • ओडिया भाषा बोलने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित थे।

ओडिशा के गठन के पीछे प्रमुख नेता

  • मधुसूदन दास (उत्कल गौरव)

  • गोपबंधु दास

  • फकीर मोहन सेनापति

  • कृष्ण चंद्र गजपति

उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप 1 अप्रैल, 1936 को ओडिशा का गठन हुआ ।

महत्वपूर्ण तथ्य: ओडिशा भारत का पहला राज्य है जिसका गठन भाषाई आधार पर हुआ था।

ओडिशा राज्य के बारे में

ओडिशा भारत के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्यों में से एक है, जो अपनी विरासत और परंपराओं के लिए जाना जाता है।

  • राजधानी: भुवनेश्वर

  • इनके लिए प्रसिद्ध: जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर

  • नृत्य शैली: ओडिसी

  • स्थान: पूर्वी भारत

  • तटरेखा: बंगाल की खाड़ी

इस राज्य का इतिहास कलिंग साम्राज्य से लेकर आधुनिक भारत तक समृद्ध है ।

उत्कल दिबासा का महत्व

उत्कला दिबासा सिर्फ एक राज्य स्थापना दिवस से कहीं अधिक है। यह निम्नलिखित का प्रतिनिधित्व करता है:

  • ओडिशा का सांस्कृतिक गौरव

  • स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं को श्रद्धांजलि

  • ओडिया भाषा और पहचान का उत्सव

  • राज्य की प्रगति पर चिंतन

यह भारत में 1 अप्रैल के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है ।

उत्कल दिवस कैसे मनाया जाता है?

ओडिशा दिवस समारोह में निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल हैं:

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम (ओडिसी नृत्य, संगीत)

  • परेड और सार्वजनिक कार्यक्रम

  • भाषण और श्रद्धांजलि

  • स्कूल प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनियां

  • सरकारी समारोह

उत्सव इन स्थानों पर मनाए जाते हैं:

  • भुवनेश्वर

  • कटक

  • ओडिशा के सभी जिले

  • राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में जहां ओडिया भाषी लोग निवास करते हैं। 

यह महत्वपूर्ण दिवस पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है और ओडिशा के लोगों के लिए गौरव का प्रतीक बना हुआ है।

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