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नरेंद्र मोदी के बारह साल बेमिसाल

Narendra Modi's Twelve Unparalleled Years

 बेईमान जमात विकास की गति रोकने में नाकाम

 


डॉ. विजय खैरा


जब भारत का जहाज भ्रष्टाचार के समुद्र में डूब रहा था, चारों ओर अंधेरा ही अँधेरा था। विदेशी आतंकवादी घुसपैठिये बाहर से आ कर और देश के राजनीतिक गद्दार, माओवादी, नक्सलवादी अंदर से उसे खोखला कर रहे थे। ऐसे में उस जर्जर जहाज को खिवैया के रूप में एक कैप्टन मिला जिसका नाम है नरेंद्र दामोदरदास मोदी। जिसके विचारों में राम राज्य की परिकल्पना महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों का भारत, देश की रक्षा में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और आंतरिक मामलों में सरदार वल्लभ भाई पटेल की झलक और दृढ़ता है। जिसने मात्र बारह वर्षों में भारत को विकास की उस ऊंचाई पर खड़ा कर दिया जो भारत को आजादी के 65 साल में भी नसीब नहीं हो सकी। 

देश के सहकारी संस्थान  राजनीतिक नेताओं ब्यूरोक्रेसी के ऐशो आराम के अड्डे बन चुके थे। भाई भतीजावाद का बोलबाला सरकारी नौकरियों में था। कुछ संस्थान तो करोड़ों और अरबों रुपयों के घाटे में चल रहे थे। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही उन पर अंकुश लगने लगा जिसका विपक्षी दलों ने भारी विरोध किया क्योंकि उनकी चैधराहट जा रही थी। मैं यहाँ केवल दो संस्थानों का उदाहरण दे रहा हूँ।

भारत सरकार का एक उपक्रम एयर इंडिया सत्तर हजार करोड़ से भी अधिक घाटे में चल रहा था। साठ हजार करोड़ का कर्ज था। वर्षों से प्रति दिन बीस करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था फिर भी इसे चलाया जा रहा था। ये भारत की जनता पर भार बना हुआ था। नरेन्द्र मोदी ने समय पाते ही भारत सरकार के उस सफेद हाथी से छुटकारा दिलवाया और उसे सरकारी तंत्र से बाहर कर दिया।

दूसरी बात खादी ग्रामोद्योग कमीशन की बात करें जो करोड़ों करोड़ों के घाटे में चल रहा था। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वही उपक्रम करोड़ों के लाभ में चलने लगा। मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने से पहले 2013-14 तक खादी ग्रामोद्योग कमीशन का कुल प्रोडक्शन वेल्यू 26 हजार करोड़ रुपया थी जो आज एक लाख सत्तासी हजार करोड़ से अधिक हो गई है ये सात गुने से भी ज्यादा बढ़ गई है। लगभग ढाई करोड़ लोगों को सब्सिडी देकर ग्रामीण उद्योगों में छोटे छोटे इकाइयों के विकास में आर्थिक मदद दी गई। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं इन्हें यहाँ पर लिखना संभव नहीं है। भारतवर्ष का चैतरफा विकास हुआ लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरी है।

विकास की बात करें तो हजारों उदाहरण हैं जिसको लिखते लिखते कई किताबें भर जाएंगी। गरीबी दूर करने से लेकर भारत को विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बनाकर, सबका साथ सबका विकास का ध्येय लेकर भारत को विश्व पटल पर एक नई पहचान दी। गाँव-गाँव सड़क, घर-घर जल और बिजली पहुँचाने का काम किया गरीबों को आवास और गैस कनेक्शन दिए गए।

आयुष्मान योजना लाकर स्वास्थ्य की रक्षा की। सबसे बड़ा काम ये हुआ कि घर घर शौचालय बन गए। हमारी माँताएं, बहनें जिन्हें सुबह उठ कर खेतों में शौच के लिये जाना पड़ता था और बेइज्जती उठानी पड़ती थी, वह स्वयं बन्द हो गया।  रेलवे किनारे लाखों लोग सुबह शौच करने के लिए मजबूर थे जिसको समाप्त करने की कल्पना तक नहीं हो सकती थी, ये असंभव दिखाई देने वाला एक महान कार्य किया जिसकी प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की।

नोटबंदी करके पाकिस्तान और अन्य देशों से आने वाली नकली करेंसी, नकली नोट आदि की स्वतः नाकाबंदी हो गई जिससे भारत की अर्थव्यवस्था सुधर गई। पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों की कमर टूट गयी। विपक्षी दलों ने खासतौर से कांग्रेस ने इसका विरोध किया। विरोध का अंदरूनी कारण तो वही जाने क्यों वे पाकिस्तान जैसे देशों को मजबूत रखना चाहते थे।

जीएसटी जैसा कानून बनाकर पूरे भारत को टैक्स की प्रणाली में एक ही सूत्र में बांध दिया जिससे एक ओर जनता को और व्यापारियों को विशेष तौर से राहत मिली दूसरी ओर सरकार को विकास के लिए आय प्राप्त हुई। उसी आय से देश में रेलवे लाइन और रेलगाड़ियों का जाल बिछ गया । राष्ट्रीय राजमार्ग चारों तरफ दिखाई दे रहे हैं। तैंतीस किलोमीटर से अधिक प्रतिदिन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का काम हुआ और आज भारत राष्ट्रीय राजमार्ग में विश्व मे नंबर दो पर आ खड़ा हुआ। 

देश की रक्षा के लिए छत्तीस राफेल लड़ाकू हवाई जहाज खरीदे गए । कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी तो दो राफेल खरीदने के लिए बजट नहीं दे पायी। ऐसा तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने संसद में बोला था। कांग्रेस ने भाजपा सरकार द्वारा राफेल खरीदने का भारी विरोध किया, जगह जगह रोड़े अटकाए लेकिन अपनी धुन  के पक्के नरेन्द्र मोदी टस से मस नहीं हुए । आज  छत्तीस राफेल हमारी वायु सेना का सबसे शक्तिशाली हिस्सा है। अटल टनल ,जोझीला पास, अरूणांचल प्रदेश में हवाई अड्डा, श्रीनगर तक और नॉर्थ ईस्ट प्रदेशों के आखिरी कोने तक रेलवे सेवा आदि एक कल्पना लगती थी लेकिन मोदी जी ने साकार करके दिखा दिया। बंगलादेश की सीमा पर कटीली फेंसिंग लगाने का काम तेजी से चल रहा है जिसे पिछले 10 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगलादेश से मुस्लिम वोटरों के लालच में नहीं होने दिया था। 

आयुष्मान योजना ने लाखों मरीजों का भला किया जो लोग जोड़ों के जर्जर हो जाने के कारण अपाहिज हो गए थे। उन्हें मुफ्त में कूल्हे, घुटने आदि जोड़ों का बदलने का अवसर मिला । हजारों बच्चे प्रति वर्ष दिल के वॉल्व नहीं बदले जाने के कारण कम उम्र में ही दुनिया से चले जाते थे, मुफ्त में उनके दिल के वाल्व बदलने का काम इस योजना में हुआ। दिल, कैंसर और टी वी जैसे खतरनाक लोगांे के इलाज के लिये इस योजना में कम से कम 5 लाख रूपये का योगदान दिया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी दुनिया के शक्तिशाली नेताओं में गिने जाने लगे और भारतवर्ष की विकास की दर देखकर पूरा विश्व आज भारत को भारी सम्मान की दृष्टि से देखता है।

(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

 

 

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