नई दिल्ली: दिल्ली में विकास कार्यों को लेकर नगर निगम एक्टिव हो गया है। ऐसे में नगर निगम की ओर से दिल्ली के की जगहों पर स्मार्ट, कैशलेस पार्किंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। जिसकी पूरी देखभाल औऱ मैनेजमेंट दिल्ली नगर निगम के हाथों में होगा। नगर निगम द्वारा इसकी शुरुआत नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाने की व्यापक पहल के तहत होने जा रही है। बता दें कि नगर निगम द्वारा दो क्लस्टर समेत आठ स्थानों की पहचान की गई है, जहां शुरुआती चरण में यह सिस्टम शुरू किया जाएगा। इनमें नेहरू प्लेस (आउटर रिंग), नेहरू प्लेस (इनर रिंग), शास्त्री पार्क, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, नरेला डीडीए मार्केट, लाजपत नगर क्लस्टर और करोल बाग क्लस्टर शामिल हैं। लाजपत नगर क्लस्टर में सेंट्रल मार्केट, वीर सावरकर मार्ग और ओल्ड डबल स्टोरी रोड तथा करोलबाग क्लस्टर में अजमल खान रोड, बैंक स्ट्रीट और आर्य समाज रोड शामिल हैं।
नगर निगम ने अपने सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करके शुल्क का संग्रहण तथा इन स्थलों के संचालन और प्रबंधन के लिए एक एजेंसी का चयन करने के लिए एक निविदा जारी की है। दिल्ली की अधिकांश मुख्य सड़कों, गलियों और बाजारों में अवैध रूप से खड़े किए गए वाहन न केवल ट्रैफिक को बाधित करते हैं, बल्कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी बड़ी समस्या बनते हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दिल्ली यातायात पुलिस ने शहर भर में लगभग 233 स्थानों की पहचान की है, जहां यातायात जाम की समस्या रहती है और इससे यात्रियों और आम जनता को असुविधा होती है।
अब इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम: सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस आधारित पार्किंग सर्वे सिस्टम के ज़रिए अवैध पार्किंग की पहचान और त्वरित कार्रवाई।
स्पॉट फाइनिंग: ट्रैफिक पुलिस अब मौके पर ही QR कोड स्कैन कर चालान काटेगी।
डिजिटल पार्किंग मैप्स: नागरिकों को नजदीकी वैध पार्किंग स्थल की जानकारी अब मोबाइल ऐप्स से मिलेगी।
दिल्ली में कैशलेस सिस्टम की शुरूआत एक बड़े डिजिटल ट्रांज़िशन की ओर इशारा करती है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।
UPI/Paytm/PhonePe के ज़रिए पेमेंट: हर वैध पार्किंग स्थल पर अब डिजिटल पेमेंट का विकल्प अनिवार्य किया गया है।
ई-रसीद और ऑनलाइन हिसाब: पार्किंग शुल्क की रसीद अब मोबाइल पर मिलेगी — कागज़ की झंझट खत्म।
QR Code आधारित एंट्री/एग्ज़िट: बिना किसी फिजिकल इंटरैक्शन के वाहन प्रवेश और निकास को मैनेज किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि सूची लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री के साथ साझा की जाएगी। यातायात इकाई के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''राष्ट्रीय राजधानी में यातायात की समस्याओं को सुधारने के लिए एक उच्च स्तरीय अध्ययन किया गया। जो अधिकारी रोजाना ड्यूटी पर होते हैं, उनसे भी सुझाव लिए गए कि यातायात की समस्याओं को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है।'' उन्होंने कहा कि इन कमियों और बाधाओं को दूर करने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसे दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), मेट्रो और पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा।
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