नई दिल्ली: भारत में कोविड के बाद एक बार फिर से चीनी वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस यानी कि HMPV के मामले देखने को मिल रहे हैं। बीते दिन यानी कि 6 जनवरी को भारत के कर्नाटक में 2 केस देखने को मिले थे । ऐसे में मंगलवार 7 जनवरी को इस वायरस के मामले में बढ़ोतरी देखने को मिली है। कर्नाटक के बाद अब नागपुर में एचएमपीवी वायरस के दो एक्टीव मरीज मिले हैं। जिसमें 7 साल का एक बच्चा औऱ 14 साल की एक बच्ची शामिल है। दोनों बच्चों को खांसी और बुखार की समस्या थी, जिसके बाद उनका टेस्ट किया गया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में एचएमपीवी वायरस के एक्टीव केस की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
देश में अब तक 7 मरीज मिले
देश में अब तक इस संक्रमण के 7 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। नागपुर से पहले कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में सोमवार को पांच शिशुओं में HMPV संक्रमण की पुष्टि हुई। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि वह श्वसन संबंधी बीमारियों में किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। HMPV वैश्विक स्तर पर श्वसन संबंधी बीमारी पैदा करने वाला वायरस है। हाल में चीन में इसके प्रकोप की खबरों ने दुनिया का ध्यान खींचा। यह एक वायरल रोगजनक है जो सभी आयु वर्ग के लोगों में श्वसन संक्रमण का कारण बनता है।
राज्य सरकारों ने किया आश्वस्त
कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों ने आश्वस्त किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी अस्पतालों को श्वसन संबंधी बीमारियों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया। इस वायरस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस पर ध्यान दे रहा है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट शेयर करेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में किसी सामान्य श्वसन वायरल संक्रमणों में कोई विशेष वृद्धि नहीं देखी गई है।
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