WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली : अयोध्या में राम मंदिर लगभग बनकर तैयार है। बरसों इंतजार के बाद श्रीरामलला राम मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन और प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है। इस बीच 22 जनवरी को अयोध्याय में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 18 जनवरी की देर रात भगवान राम की मूर्ति की पहली झलक सामने आ गयी है। गुरुवार रात रामलला की मूर्ति कि पहली झलक सामने आयी। मूर्ति को गर्भ गृह में रखा गया है।
बता दें कि पूर्व प्रायोजित अयोध्या में राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए 16 जनवरी से ही अनुष्ठान शुरू हो गए हैं, डो कि 22 जनवरी तक लगातार अगल-अलग दिन के हिसाब से किये जायेंगे। जानकारी के मुताबिक 17 जनवरी (बुधवार) को गर्भगृह में स्थापित होने वाली रामलला की 200 किलो वजन की नई मूर्ति को जन्मभूमि मंदिर परिसर कल लाया गया था और गुरुवार की देर रात गर्भगृह में पहुंचाया गया है। पहले इस रामलला की मूर्ति को मंदिर परिसर भ्रमण कराने का प्लान था, लेकिन मूर्ति का वजन होने के कारण इसकी जगह रामलला की 10 किलो की चांदी की मूर्ति परिसर में घुमाई गई।
अरुण योगीराज ने बनाया है मूर्ति
मैसूर के अरुण योगीराज ने भगवान राम की इस मूर्ति को बनाया है। अरुण योगीराज देश में सबसे अधिक चर्चित मूर्तिकारों में से एक हैं। योगीराज अरुण अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी में मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। अरुण अपने पिता और दादा के कार्यों से प्रभावित होकर मूर्ति कला के इस क्षेत्र में कदम रखा था। उनके पूर्वज मैसूर के राजा के समय से मूर्ति कला के क्षेत्र में कार्यरत थे। अरुण एमबीए करने के बाद कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी की थी लेकिन वापस मूर्तिकला के क्षेत्र में लौट आए।
अरुण योगीराज देश में कई बड़ी हस्तियों और देवी-देवताओं की मूर्ति बनाई है। इनमें इंडिया गेट के पास अमर जवान ज्योति के पीछे लगी सुभाष चंद्र बोस की 30 फीट की मूर्ति भी शामिल है। उन्होंने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची मूर्ति से लेकर मैसूर में 21 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा भी बनाया है।
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