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सपा नेता विनय शंकर तिवारी के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी, करीब 700 करोड़ के बैंक लोन घोटाले का मामला आया सामने

ED raids several locations of SP leader Vinay Shankar Tiwari, a case of bank loan scam of about Rs 700 crore comes to light

नई दिल्ली: सोमवार 7 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में चिल्लूपार सीट से पूर्व विधायक और सपा नेता विनय शंकर तिवारी के ठिकानों पर एक साथ लखनऊ, गोरखपुर से मुंबई तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है।  बता दें कि ईडी ने सपा नेता के गंगोत्तरी इंटरप्राइजेज कंपनी के करीब 10 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया और छापेमारी की। इस छापेमारी में  करीब 700 करोड़ के बैंक लोन घोटाले का मामला सामने आया है। सोमवार की सुबह हुई इस कार्रवाई को एक साथ अंजाम दिया गया है। ईडी ने उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। जल्द ही उसे कोर्ट में पेश किया जाना है।

ऐसे खुला मामला

ईडी की जांच में सामने आया था कि मेसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने प्रमोटरों, निदेशकों, गारंटरों के साथ मिलकर बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले सात बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं का लाभ लिया था। इस रकम को बाद में उन्होंने अन्य कंपनियों में डायवर्ट कर दिया और बैंकों की रकम को वापस नहीं किया। इससे बैंकों के कंसोर्टियम को करीब 754.24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

72 करोड़ की संपत्ति ईडी ने की थी जब्त

पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की 72.08 करोड़ रुपये की संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नवंबर 2023 में जब्त कर दिया था। ईडी ने यह कार्रवाई विनय तिवारी की कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेस लिमिटेड द्वारा बैंकों के कंसोर्टियम का करीब 1129.44 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में की थी।

पहले सीबीआई ने दर्ज किया था केस

बैंकों की शिकायत पर सीबीआई मुख्यालय ने केस दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने भी विनय तिवारी समेत कंपनी के समस्त निदेशक, प्रमोटर और गारंटर के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

ईडी 27 संपत्तियों को कर चुकी है जब्त

2023 में राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने विनय शंकर तिवारी की गोरखपुर, महराजगंज और लखनऊ स्थित कुल 27 संपत्तियों को जब्त किया था। इसमें कृषि योग्य भूमि, व्यवसायिक कांप्लेक्स, आवासीय परिसर, आवासीय भूखंड आदि शामिल हैं।

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