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बनकलागी नीति अनुष्ठान के चलते श्री जगन्नाथ मंदिर पुरी में भक्तों के लिए 4 घंटे बंद रहेगी दर्शन व्यवस्था, जानिए पूरी अपडेट

Due to the Bankalagi Niti ritual, darshan arrangements will remain closed for devotees for 4 hours at the Shree Jagannath Temple, Puri. Know the complete update.

नई दिल्ली: ओडिशा के पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार शाम को भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद रहेगी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने जानकारी दी है कि बनकलागी नीति यानी श्रीमुख श्रृंगार अनुष्ठान के चलते चार घंटे तक आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं होगी और मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।

शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर के सभी द्वार बंद

मंदिर प्रशासन के अनुसार यह विशेष अनुष्ठान फाल्गुन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि यानी आज बुधवार को होगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक, दूसरे भोगमंडप भोग के बाद शाम लगभग 6 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर के सभी द्वार आम दर्शन के लिए बंद रहेंगे।

क्या है बनकलागी नीति?

मंदिर परंपरा के अनुसार बनकलागी नीति एक गोपनीय और अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है, जिसे केवल दत्त महापात्र सेवायत ही रत्न बेदी पर संपन्न करते हैं। इस दौरान महाप्रभु जगन्नाथ, प्रभु बलभद्र, देवी सुभद्रा और प्रभु सुदर्शन के श्रीमुख का विशेष श्रृंगार किया जाता है।

इस अनुष्ठान में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। श्रृंगार के लिए लाल, पीले, सफेद और काले रंग के प्राकृतिक फूल और पदार्थ प्रयोग में लाए जाते हैं। साथ ही केसर को कपूर और कस्तूरी के साथ मिलाकर देवताओं के मुख पर लगाया जाता है। यह प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय मानी जाती है, इसलिए इस दौरान किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होती।

बनकलागी नीति पूरी होने के बाद देवताओं का विशेष स्नान किया जाएगा, जिसके बाद मंदिर के सभी द्वार खोल दिए जाएंगे और दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से फिर शुरू कर दी जाएगी।

महीने में 2 बार होता है अनुष्ठान

परंपरा के अनुसार यह अनुष्ठान लगभग महीने में दो बार किया जाता है और हमेशा बुधवार के दिन ही संपन्न होता है। इस दौरान पूरे मंदिर में सख्त नियम लागू रहते हैं और सभी द्वार बंद रखे जाते हैं। मंदिर प्रशासन ने बुधवार को आने वाले श्रद्धालुओं से अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है, ताकि अनुष्ठान शांतिपूर्ण और विधिपूर्वक संपन्न हो सके।

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