नई दिल्ली - श्रीलंका तेजी से बहुध्रुवीय दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसनायके ने मोनोकल पत्रिका के साथ अपने साक्षात्कार में इस बात पर जोर दिया कि उनके नेतृत्व में, देश भूराजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में फंसने से बचेगा। किसी भी पावर ब्लॉक के साथ गठबंधन करने के बजाय, नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) सरकार श्रीलंका के दो सबसे करीबी पड़ोसियों, चीन और भारत दोनों के साथ संतुलित संबंधों को बढ़ावा देने का इरादा रखती है। अनुरू कुमार डिसनायके ने पड़ोसी देशों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें ''सैंडविच'' नहीं बनना है इस सन्दर्भ में उन्होंने खासतौर पर भारत और चीन का जिक्र किया।
माना जा रहा है कि अनुरू कुमार डिसनायके के कार्यकाल में श्रीलंका की विदेश निति काफी सख्त रहने वाली है। डिसनायके ने यह भी कहा की उनके राष्ट्रपति रहते हुए श्रीलंका जियोपोलिटिकल राइवलरी में नहीं पड़ने वाला। उन्होंने कहा की हम अपने पडोसी देशो भारत और चीन के साथ संतुलन बनाकर चलना पसंद करेंगे। डिसनायके ने कहा की हम भारत और चीन के बीच नहीं पड़ना चाहते एनपीपी सरकार दोनों देशो से सामान रूप से करीबी भागीदारी की उम्मीद रखती है। इसके अलावा हम यूरोपीय संघ मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ सम्बन्ध बनाए रखना चाहते हैं।
बता दें श्रीलंका के वामपंथी नेता डिसनायके ने सोमवार को राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया और लंबे समय से शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों के नेतृत्व वाले द्वीप राष्ट्र में बदलाव का वादा किया, जो सात दशकों से अधिक समय में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से उभर रहा है।
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