
उदय इंडिया कॉन्क्लेव 2026 के दौरान भगवान जगन्नाथ जी के प्रतिमा के
सामने दीप प्रज्ज्वलित करते ओडिशा डिप्टी सीएम के.वी. सिंह देव।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18 जनवरी, रविवार को उदय इंडिया की ओर से उदय इंडिया नेशनल कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान आइडिया, लीडरशिप और सिविल सोसाइटी की भागीदारी का एक बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। दिन भर चले इस इवेंट में मंत्री, विधायक, शिक्षाविद, इंडस्ट्री लीडर, डॉक्टर, पत्रकार, एंटरप्रेन्योर और विचारक एक ही उम्मीद से जुड़े और वह विषय यह रहा कि कैसे 2036 तक एक डेवलप्ड ओडिशा बनकर तैयार होगा और 2047 के लिए राज्य के बड़े विज़न को कैसे सपोर्ट किया जाएगा।
ओडिशा राज्य जिस गति से विकास के मामले में आगे की ओर अग्रसर है और भारत के टॉप पांच डेवलप्ड राज्यों में शामिल होने और 2036 तक $1 ट्रिलियन की इकॉनमी हासिल करने का वादा किया है उसे देखते हुए उदय इंडिया द्वारा आयोजित यह कॉन्क्लेव नागरिकों, एक्सपर्ट और पॉलिसी बनाने वालों को एक साथ विकास से जुड़ी बातचीत में जोड़ने वाला एक अहम नेशनल प्लेटफॉर्म बन गया।

कॉन्क्लेव की शुरुआत वैदिक मंत्रों के साथ भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ एक पवित्र वातावरण के साथ हुई। जिसमें क्लैरिटी, लर्निंग और मिलकर काम करने की भावना का आह्वान किया गया। ओडिशा के कल्चरल और इकोलॉजिकल मूल्यों को ध्यान देते हुए सभी मेहमानों का स्वागत तुलसी के पौधों से किया गया, जो कि पवित्रता, हीलिंग, बोटैनिकल ज्ञान और प्रकृति के प्रति समाज के सम्मान का प्रतीक हैं। उदय इंडिया नेशनल कॉन्क्लेव के उद्घाटन सेशन ने एक सोचने-समझने वाले और आगे की सोचने वाले दिन के लिए मंच तैयार किया। इस कार्यक्रम में ओडिशा विधानसभा स्पीकर सुरमा पाढ़ी, उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव, कोटपाड एमएलए रुपु बत्रा, एमएलए अमर नायक, लोकसभा एमपी रुद्र नारायण पाढ़ी, एमपी संगीता कुमारी सिंह देव, कबीसूर्यनगर से MLA प्रताप चंद्र नायक, मिनिस्टर ऑफ़ फिशरीज, एनिमल रिसोर्स डेवलपमेंट और MSME मंत्री गोकुला नंद मल्लिक, मिनिस्टर ऑफ़ लॉ, वर्क्स और एक्साइज पृथ्वीराज हरिचंदन और मिनिस्टर ऑफ़ रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट सुरेश पुजारी के साथ शिक्षाविद, इंडस्ट्री लीडर, डॉक्टर, पत्रकार, एंटरप्रेन्योर और विचारक शामिल रहे।
माननीय स्पीकर ने विज़न तय किया

उदय इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में सभा को संबोधित करती
ओडिशा विधानसभा की स्पीकर, सुरमा पाढ़ी
ओडिशा विधानसभा की स्पीकर, सुरमा पाढ़ी ने कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया और नागरिकों और राज्य के बीच सहयोग के एक युग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, "ओडिशा का 2036 तक का सफ़र सहयोग पर आधारित होना चाहिए। जब नागरिक, संस्थाएं और पॉलिसी बनाने वाले एक साथ आते हैं, तो विकास एक साझा नियति बन जाता है, न कि कोई दूर की ख्वाहिश," उन्होंने ओडिशा के भविष्य के सुधारों के आधार के रूप में भागीदारी वाले शासन पर ज़ोर दिया। उन्होंने उदय इंडिया टीम द्वारा आयोजित किए गए इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम राज्य प्रगति में विशेष भूमिका निभाएंगे।

अमर नायक, विधायक, बरचाना, उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव से
उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार प्राप्त करते हुए।
एक नया ओडिशा उभर रहा है- डिप्टी सीएम केवी सिंह देव

डिप्टी सीएम कनक वर्धन सिंह देव
उदय इंडिया नेशनल कॉन्क्लेव में अपनी बात रखते हुए ओडिशा राज्य के उप मुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने कहा कि राज्य एक ऐसे दशक के लिए तैयार है जिसमें पहले कभी नहीं हुआ बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा राज्य का विकास विकसित भारत की नींव बनेगा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ओडिशा अपने सबसे अच्छे दशक के लिए तैयार है। साफ़ विज़न, मजबूत शासन और लोगों की भागीदारी के साथ, हम 2036 तक ओडिशा को एक ट्रिलियन-डॉलर पावर हाउस में बदल सकते हैं," उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल ग्रोथ, सोशल डेवलपमेंट और शासन की कुशलता में सुधारों पर ज़ोर दिया। उन्होंने ओडिशा की सभ्यता की पहचान, इसके मंदिरों, परंपराओं और कलाओं को इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास पर बने मॉडर्न डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के साथ जोड़ने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया। साथ ही उदय इंडिया के इस मुहिम की तारीफ की और कहा कि ओडिशा के विकास के लिए ऐसे और भी कार्य जमीनी स्तर पर सभी के सहयोग के साथ करने होंगे।

राज्य कानून मंत्री, पृथ्वीराज हरिचंदन
राज्य कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने उदय इंडिया नेशनल कॉन्क्लेव और उसके विषय विकसित ओडिशा 2036 की तारीफ की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल एक नहीं बल्कि राज्य स्तर पर और राज्य के सभी गांवों में होने चाहिए जो विकसित ओडिशा की नींव रखेगा। उन्होंने कार्यक्रम के विषय पर ज़ोर दिया और कहा कि ओडिशा एक बड़े विज़न डॉक्यूमेंट के गाइडेंस में तेजी से डेवलपमेंट के फेज़ में आ गया है। पर कैपिटा इनकम में सुधार के साथ इकोनॉमिक प्रोग्रेस बढ़ेगी, जबकि हेल्थ केयर सर्विसेज तक पहुंच लगातार मजबूत होती रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य रेल और रोड कनेक्टिविटी में बड़े विस्तार की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें अगले पांच सालों में 15,000 किलोमीटर क्लाइमेट-फ्रेंडली सड़कों का टारगेट भी शामिल है। कॉन्क्लेव को उदय इंडिया के सबसे सार्थक योगदानों में से एक बताते हुए, उन्होंने ऑर्गनाइजेशन से दक्षिणी, उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा में भी इसी तरह की चर्चा करने का आग्रह किया ताकि हर जगह के लोग भविष्य के लिए अपने सपनों को आवाज दे सकें। उन्होंने उदय इंडिया को राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के लिए एक डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

मिनिस्टर ऑफ़ रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट, सुरेश पुजारी
मिनिस्टर ऑफ़ रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट सुरेश पुजारी ने राज्य की लंबे समय की डेवलपमेंट स्ट्रेटेजी को दोहराया और बातचीत और मिलकर समझने को गहरा करने के लिए और ज्यादा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए बढ़ावा दिया। उन्होंने सभी को एक साथ मिलकर कार्य करने के लिए आह्वान किया। साथ ही उदय इंडिया की मुहिम को राज्य के अन्य जगहों पर भी आयोजित कराने की बात कही।

अपने भाषण में, उदय इंडिया के फाउंडर और ग्रुप एडिटर, दीपक रथ ने इस पहल को भुवनेश्वर से आगे – ब्लॉक, गांवों और ओडिशा के हर कोने तक ले जाने के ऑर्गनाइजेशन के कमिटमेंट को फिर से कंफर्म किया – ताकि नागरिक राज्य के डेवलपमेंट एजेंडा को आकार देने में एक्टिव पार्टिसिपेट बन सकें। उन्होंने एक ऐसे जन आंदोलन का आह्वान किया जो कम्युनिटी की उम्मीदों को ओडिशा सरकार के विज़न के साथ जोड़े। अपने मैसेज में, श्री दीपक रथ ने भरोसा दिलाया कि उदय इंडिया इस मिशन को पूरे राज्य में—कोरापुट, बलांगीर, बालासोर, सुंदरगढ़, मयूरभंज, गंजम और कालाहांडी सहित—लेकर डेवलपमेंट की बातचीत को पूरे राज्य में एक आंदोलन में बदल देगा। उन्होंने कन्फर्म किया कि उदय इंडिया कॉन्क्लेव से मिली सिफारिशों को इकट्ठा करेगा और उन्हें ओडिशा सरकार के सामने ऑफिशियली पेश करेगा।
कॉन्क्लेव में चार मुख्य थीम पर चर्चा हुई, जिनमें से हर एक में एक विकसित ओडिशा के पिलर्स- हेल्थ, एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट, और टूरिज्म और कल्चर के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट्स ने सभी विषय पर गहन चर्चा की और बताया कि कैसे राज्य ही नहीं बल्कि देश के विकसित होने के मार्ग को कैसे प्रशस्त किया जा सकेगा।

डॉ. पवन गुप्ता के मॉडरेशन में, पैनल में जाने-माने हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स एक साथ आए, जिन्होंने कैंसर केयर, पब्लिक हेल्थ सिस्टम, AIIMS से जुड़ी रिसर्च, पैलिएटिव इनोवेशन और महिलाओं के नेतृत्व वाली कम्युनिटी हेल्थ पहलों पर चर्चा की। इस सेशन में पूर्वी भारत में हेल्थकेयर लीडर बनने की ओडिशा की इच्छा दिखाई दी। साथ ही उन सभी विशेष मुद्दों पर भी चर्ची हुई जो राज्य में हेल्थ केयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने का काम करेगा। हेल्थ सेशन में चर्चा के दौरान ओडिशा सरकार के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर नीलकांत मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र सेनापति, डॉ. बी एन मोहंती, डॉ. माधव नंदा, डॉ मामी परिजा, डॉ. अरविंद रथ के साथ इनर व्हील की जिला चेयरमैन मधुस्मिता त्रिपाठी मौजूद रहीं।

डॉ. दीनदयाल स्वैन के मॉडरेशन में, एजुकेशन लीडर्स ने भविष्य के लिए तैयार यूनिवर्सिटी, रिसर्च इकोसिस्टम, NEP 2020 अलाइनमेंट और एम्प्लॉयबिलिटी-ड्रिवन प्रोग्राम पर ज़ोर दिया। पैनल ने एकेडेमिया-इंडस्ट्री-सरकार के बीच गहरे तालमेल की मांग की साथ ही आज के समय में शिक्षा जगत में हो रहे व्यापक बदलाव और उसे कैसे समझा जाए और कैसे उसे अपनाया जाए इस पर खास चर्चा की गई। यह सेशन सभी के लिए प्रेरणा वाला सेशन रहा। इस खास सेशन में डॉ. प्रदिप्ता नंदा, डॉ. आर एन रथ, डॉ. पतितपावन पांडा, डॉ. ईश्वर चंद्र नायक, तथा वरिष्ठ पत्रकार जतिन दास मौजूद रहे।

जाने-माने पत्रकार डॉ. प्रकाश नंदा ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर इनोवेशन, रूरल-अर्बन कनेक्टिविटी, टेक-ड्रिवन गवर्नेंस, लॉजिस्टिक्स, मीडिया इकोसिस्टम और एंटरप्रेन्योरशिप को कवर करते हुए एक बड़ी चर्चा को मॉडरेट किया। स्पीकर्स ने मज़बूत, क्लाइमेट-कॉन्शियस इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस सेशन के दौरान प्रश्नोत्तरी भी हुई। जिसमें विषय से जुड़े पुछे गए सवालों पर सभी विशेषज्ञों ने सरलता और सहजता से उत्तर दिया। इस सेशन में धारित्री के संपादक तथागत सतपथी, PIB के अखिलेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार राजाराम सतपथी, प्रो.सरत सी दास, देवराज प्रधान मौजूद रहे।

इस सेशन में ओडिशा की क्लासिकल आर्ट्स, मंदिर आर्किटेक्चर, इको-टूरिज्म सर्किट, स्कल्पचर ट्रेडिशन और उभरती हुई कल्चरल डिप्लोमेसी का जश्न मनाया गया। ओडिशा की कल्चरल वेल्थ को एक सस्टेनेबल ग्लोबल ऑफरिंग में बदलने पर ज़ोर दिया गया। इस सेशन के दौरान स्वोस्ति होटल के सीएमडी जे के मोहंती, भारतीय मूर्तिकार अद्वैत गणनायक, सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन बिनोद दास, डब्ल्यूएचओ के रीजनल कॉर्डिनेटर निहार रंजन रॉय, वरिष्ठ अभिवक्ता प्रशन्ना कुमार नंदा, आध्याशा दास तथा मुरली मनोहर शार्मा मौजूद रहे।
आगे कॉन्क्लेव में उन MPs, MLA, स्कॉलर, एंटरप्रेन्योर, स्पोर्ट्सपर्सन, डॉक्टर्स और सिविल सोसाइटी लीडर्स को सम्मानित किया गया जिन्होंने ओडिशा की ग्रोथ स्टोरी में अहम योगदान दिया है। अवार्ड पाने वालों में अलग-अलग सेक्टर्स के जाने-माने प्रोफेशनल्स शामिल थे।
विकसित ओडिशा 2036 पर उदय इंडिया नेशनल कॉन्क्लेव का आखिरी सेशन एक प्रेरणा देने वाले नोट पर खत्म हुआ, जिसमें राज्य के सीनियर लीडर, पॉलिसी बनाने वाले, विचारक और नागरिक ओडिशा के लंबे समय के विकास के लिए एक साझा कमिटमेंट में एक साथ आए। कॉन्क्लेव के आखिरी सेशन ने इस बात की पुष्टि की कि ओडिशा अपने इतिहास में एक अहम मोड़ पर है, राज्य के विज़न 2036 और विज़न 2047 डॉक्यूमेंट्स सबको साथ लेकर चलने वाले और भागीदारी वाले विकास के लिए एक साफ़ फ्रेमवर्क देते हैं। वेलेडिक्ट्री सेशन में समाज और कम्युनिटी डेवलपमेंट में उनके योगदान के लिए बेहतरीन लोगों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सोशल एक्टिविस्ट अली पाधी, म्यूज़िक डायरेक्टर प्रेमानंद, एंटरप्रेन्योर मनोज प्रधान और प्रशांत कर के साथ-साथ MP श्रीमती संगीता सिंह देव और MLA श्री प्रताप चंद्र नायक शामिल थे। इन सम्मानों में पब्लिक सर्विस, एंटरप्रेन्योरशिप, कल्चर और लीडरशिप में बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया गया।
समापन सेशन 2036 तक एक आत्मविश्वासी, सशक्त और दुनिया भर में पहचाने जाने वाले ओडिशा के लिए मिलकर काम करने के साझा वादे के साथ खत्म हुआ।
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