नई दिल्ली: सोमवार, 31 अगस्त को गुजरात में हर निवेश को विकास का माध्यम, उद्योगों को रोजगार का आधार और इनोवेशन को भारत की शक्ति बनाकर विकसित भारत 2047 के लिए विकसित गुजरात के निर्माण में सहभागी बनने का निवेशकों एवं बिजनेस लीडर्स से मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के आह्वान के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के कर्टन रेजर का आयोजन किया गया। इस दौरान गुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट ग्लोबल इन्वेस्टर्स के गुजरात पर विश्वास का प्रतीक और नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री श्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन बाभणिया तथा मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार श्री डॉ. हसमुख अढिया सहित मुख्य सचिव श्री एम.के. दास और केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिव उपस्थित रहे। भारत मंडपम में पहली बार आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के इस प्रमोशनल कार्यक्रम में प्रमुख उद्योग संचालकों और निवेशकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
25 વર્ષની વિકાસયાત્રા, વૈશ્વિક રોકાણની નવી દિશા!
— BJP Gujarat (@BJP4Gujarat) August 31, 2026
માનનીય મુખ્યમંત્રી શ્રી @Bhupendrapbjp ના નેતૃત્વમાં નવી દિલ્હી સ્થિત ભારત મંડપમ્ ખાતે વાઈબ્રન્ટ ગુજરાત ગ્લોબલ સમિટ 2027ના કર્ટન રેઈઝર કાર્યક્રમનું આયોજન કરવામાં આવ્યું.
માનનીય મુખ્યમંત્રીશ્રીએ 'વિકસિત ગુજરાત – Shaping Global… pic.twitter.com/vSuGFYEWYe
श्री नरेंद्रभाई मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात समिट ने दुनिया को संदेश दिया है कि जहां नीति में स्थिरता, नियमों में पारदर्शिता और व्यवस्था में गति हो, वहां निवेश अपने आप आकर्षित होता है।
गुजरात ने ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया है, जहां निवेशकों को पॉलिसी स्टेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी, स्किल्ड मैनपावर, विश्वास और सुरक्षा—सभी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हैं।
गुजरात ने पारंपरिक उद्योगों में अपनी ताकत साबित की है और अब भविष्य के उद्योगों में नेतृत्व करने के लिए कमर कस ली है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सप्तधारा के संकल्प को साकार करने में गुजरात मजबूती से अपनी भूमिका निभाएगा। वाइब्रेंट समिट 2027 सप्तधारा के प्रत्येक संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज यह समिट दुनिया के उद्योगों और निवेशकों के गुजरात पर विश्वास का प्रतीक तथा नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात की 25 वर्षों की निरंतर विकास यात्रा की सफलता और नए गुजरात की नई आकांक्षाओं के उद्घोष का अवसर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी 21वीं सदी के भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रमुख दूरदर्शी नेताओं में सबसे आगे हैं। आज सभी को विश्वास है कि "मोदी है तो मुमकिन है।"
इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने असंभव लगने वाले कार्यों को संभव करके दिखाया है। इतना ही नहीं, जो कभी केवल एक सपना था, वह आज भारत की विकास यात्रा का संकल्प बन चुका है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने इस परिवर्तन को बहुत करीब से देखा है और "जो कहना है, वह करना है" के प्रधानमंत्री के मंत्र को वाइब्रेंट समिट के माध्यम से धरातल पर उतारा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्री नरेंद्रभाई मोदी ने गुजरात को केवल निवेश आकर्षित करने वाला राज्य बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने के उद्देश्य से वाइब्रेंट समिट का विचार दिया था।
गुजरात आज विकास के रोल मॉडल के रूप में "Development with Delivery" के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात मॉडल की परिभाषा केवल सड़क, बिजली, पानी या उद्योग तक सीमित नहीं है।
गुजरात ने एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जहां निवेशकों को जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा पॉलिसी स्टेबिलिटी, स्पीड, ट्रांसपेरेंसी, स्किल्ड मैनपावर, विश्वास और सुरक्षा—सभी सुविधाएं एक साथ मिलती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप गुजरात देश में FDI प्राप्त करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। पारंपरिक उद्योगों में अपनी ताकत साबित करने के बाद अब गुजरात ने भविष्य के उद्योगों में नेतृत्व करने के लिए कमर कस ली है।
"विकसित गुजरात—शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर" की थीम के साथ आयोजित होने वाली वाइब्रेंट समिट 2027 में गुजरात के सॉफ्ट पावर, सेमीकंडक्टर, फिनटेक, ग्रीन हाइड्रोजन, एआई जैसे उभरते क्षेत्रों और ग्रीन ग्रोथ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर सप्तधारा के माध्यम से जो विकास का आह्वान किया है, उसे गुजरात आत्मसात करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मैन्युफैक्चरिंग और डायमंड इंडस्ट्री में गुजरात की क्षमता, कृषि में उत्पादकता, टेक्नोलॉजी में इनोवेशन, गतिशक्ति में कनेक्टिविटी, डिफेंस में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में प्राकृतिक क्षमता तथा सॉफ्ट पावर में संस्कृति—इन सभी को एक साथ जोड़कर वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 के माध्यम से प्रधानमंत्री के सप्तधारा संकल्प को गति देने का संकल्प मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया।
उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्यमियों को गुजरात में निवेश करने का निमंत्रण देते हुए कहा, "एक्जीक्यूशन के बिना विजन केवल भाषण बनकर रह जाता है और विजन के बिना एक्जीक्यूशन केवल भागदौड़ है। गुजरात ने सटीक विजन और तेज अमल का उत्कृष्ट उदाहरण पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया है।"
गुजरात की निरंतर विकास यात्रा में सरकार और उद्योग जगत के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ा आधार स्तंभ है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में सरकार केवल शासक के रूप में नहीं, बल्कि 'टीम गुजरात' के रूप में काम करते हुए उद्योगों के विचारों और जरूरतों को समझकर नई संभावनाओं का निर्माण कर रही है।
गुजरात की आर्थिक प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 में गुजरात की अर्थव्यवस्था लगभग ₹1.42 लाख करोड़ थी, जो दूरदर्शी नीतियों और नागरिकों की मेहनत के कारण आज लगभग ₹27 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
देश की जनसंख्या में लगभग 5 प्रतिशत और भौगोलिक क्षेत्रफल में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला गुजरात देश के कुल GDP में 8.2 प्रतिशत और कुल मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में लगभग 18 प्रतिशत योगदान देता है।
गुजरात ने अब तक 74.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया है, जबकि देश के 40 प्रतिशत से अधिक कार्गो का संचालन गुजरात के बंदरगाहों के माध्यम से होता है।
निवेशकों को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी उद्योगपति अपने निवेश की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न चाहता है और गुजरात इन दोनों पहलुओं के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछले 25 वर्षों में सरकार ने जिन इंसेंटिव्स का वादा किया है, उन्हें पूरा न किया गया हो ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है।
प्रशासनिक पारदर्शिता और गति बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग में इंसेंटिव फाइलों को क्लियर करने की गति प्रतिदिन 160 से बढ़ाकर 395 कर दी गई है और जल्द ही इसे प्रतिदिन 500 फाइलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने निवेशकों को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 में भागीदार बनकर राज्य की प्रगति से जुड़ने के लिए हृदयपूर्वक आमंत्रित किया।
केंद्रीय मंत्री श्री मनसुखभाई मांडविया ने इस अवसर पर निवेशकों से ग्रीन हाइड्रोजन, हाइड्रोजन स्टोरेज, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का अध्ययन कर वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 में सक्रिय भागीदारी करने और गुजरात में निवेश करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गुजरात की संस्कृति में ही उद्यमिता और व्यवसाय शामिल है। गुजरात की सकारात्मक सोच और व्यापार करने की परंपरा आज राज्य को देश के अग्रणी निवेश केंद्रों में स्थान दिलाती है।
समय के साथ बदलाव करने का दृष्टिकोण गुजरात ने सदियों से अपनाया है। लोथल काल से लेकर आज तक गुजरात व्यापार, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक के बाद एक वाइब्रेंट समिट के साथ गुजरात में निवेश के अवसर और निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ा है। गुजरात की औद्योगिक व्यवस्था ने आज न केवल भारतीय उद्यमियों बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी व्यापक अवसर पैदा किए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड-19 के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में उत्पन्न अस्थिरता जैसी वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है।
श्री मनसुखभाई मांडविया ने निवेशकों से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 को केवल एक समिट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के अवसरों को समझने और गुजरात की विकास यात्रा में भागीदार बनने के एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में देखने की अपील की।
मुख्य सचिव श्री एम.के. दास ने कहा कि गुजरात के विकास मॉडल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और निरंतर आर्थिक वृद्धि के परिणामस्वरूप पिछले 20 वर्षों में राज्य का GSDP रुपये के आधार पर लगभग 20 गुना बढ़ा है।
गुजरात की आर्थिक विकास दर वर्तमान में लगभग 10 से 11 प्रतिशत के आसपास है और चालू वित्तीय वर्ष में विकास की गति और मजबूत रहने की संभावना है।
DPIIT के सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि औद्योगिक विकास में गुजरात की भूमिका के साथ-साथ एक पॉलिसी-ड्रिवन राज्य के रूप में उसकी छवि लगातार मजबूत हुई है।
ASSOCHAM के अध्यक्ष श्री निर्मल मिंडा ने गुजरात की निवेश क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुजरात ने अक्टूबर 2019 से मार्च 2026 के दौरान लगभग 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश आकर्षित किया है।
गुजरात का निर्यात जून 2026 तक लगभग 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है, जो भारत के राज्यों के कुल निर्यात में लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ममता वर्मा ने गुजरात की विकास यात्रा और राज्य में उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रस्तुति दी।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से समुद्री मार्गों से जुड़ा गुजरात आज वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
इस कर्टन रेज़र कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपतियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
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