logo

महाराष्ट्र के बीड में हिंसा के बाद लगा कर्फ्यू, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू

Curfew imposed after violence in Beed, Maharashtra, internet shut down, section 144 imposed

WRITER- सात्विक उपाध्याय

नई दिल्ली:  महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण एक बड़े  हिंसा का रुप ले लिया है। सबसे प्रभावित बीड़ जिले में एहतियातन सरकार द्वारा धारा 144 लागू कर इसके साथ ही  कर्फ्यू लगा दिया गया है। जिसके कारण हिंसा की आग और ना भड़के इसलिये यहां इंटरनेट भी बंद कर दिया है। बता दें कि जालना में पिछले 12 घंटों में तीन लोगों ने सुसाइड करने की कोशिश की है। जिसके बाद से प्रशासन और शख्ती बरत रही है। इस बीच शिंदे सरकार रात-भर एक्टिव मोड में रही। देर रात सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बैठक की। दिव्य मराठी के सूत्रों के मुताबिक, आज दोपहर तक सरकार कैबिनेट मीटिंग बुला सकती है। इसमें विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाने पर विचार कर सकती है। मराठाओं को आरक्षण देने के लिए सरकार अध्यादेश भी ला सकती है।

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारंगे जालना के अंतरौली में 6 दिन यानी की 25 अक्टूबर  से भूख हड़ताल पर हैं। सीएम शिंदे से बातचीत के बाद उन्होंने मंगलवार की सुबह  पानी पिया।

कितना हुआ नुकसान- 

राज्य में दो दिनों में राज्य परिवहन निगम की 13 बसों में तोड़फोड़ की गई है। इसके चलते 250 में से 30 डिपो बंद करने पड़े हैं। पथराव के बाद पुणे-बीड बस सेवा बंद कर दी गई है। सोमवार रात मराठा समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने बीड बस डिपो में तोड़फोड़ की। करीब एक हजार लोगों की भीड़ डिपो में घुस गई और 60 से ज्यादा बसों के कांच फोड़ दिए। स्टेशन का कंट्रोल रूम भी तोड़ दिया। वहीं, आंदोलनकर्ताओं ने उमरगा तहसील के तुरोरी गांव में कर्नाटक डिपो की एक बस में आग लगा दी। बस में 46 यात्री सवार थे, वे सभी सुरक्षित हैं।आग बुझाने के लिए आई फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी कार्यकर्ताओं ने जला दिया।

सीएम शिंदे बोले- कुछ मराठा परिवारों को मिलेगा लाभ; जारांगे की मांग- सबको दें
मराठा कैबिनेट उपसमिति की बैठक सोमवार को हुई। बैठक के बाद सीएम शिंदे ने कहा कि जस्टिस संदीप शिंदे कमेटी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है। इसे मंगलवार को कैबिनेट में रखा जाएगा।

सबूतों से पता चलता है कि कुछ मराठा परिवारों को ही आरक्षण मिलेगा। कमेटी ने अब तक 1.73 करोड़ दस्तावेज जांचे हैं। इनमें कुनबी के 11,530 रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके पास कुनबी के साक्ष्य होंगे, उन्हें तुरंत आरक्षण प्रमाण पत्र जारी करेंगे। अनशन पर बैठे मनोज जारांगे ने कहा कि आंशिक आरक्षण स्वीकार नहीं करेंगे। सबको आरक्षण मिले।

शिंदे ने ये भी कहा कि मराठा आरक्षण मुद्दे पर 3 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में मराठा आरक्षण पर क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने को लेकर सलाह देगी। कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस संदीप शिंदे (रिटायर्ड) होंगे।

 

Leave Your Comment

 

 

Top