नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में NDA सरकार को प्रचंड बहुमत हासिल हुई है। बता दें कि विधानसभा परिणामों में बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं जेडीयू राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। बीजेपी ने जहां कुल 89 सीटें हासिल की तो वहीं जेडीयू के पाले में कुल 85 सीटें आई हैं। दोनों ही दलों ने राज्य में 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बीच NDA की प्रचंड जीत के बाद देखने वाली बात यह है कि आखिर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इनसब के बीच सोमवार, 17 नवंबर को बिहार सीएम नीतीश कुमार ने कैबिनेट मीटिंग मे हिस्सा लिया। जिसके बाद सीएम नीतीश कुमार बिहार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को औपचारिक रूप से विधानसभा भंग करने संबंधी पत्र सौंप दिया। इसके साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि बिहार विधानसभा 19 नवंबर को भंग कर दी जाएगी, जिसके बाद नई सरकार बनाने का मार्ग पूरी तरह साफ हो जाएगा।
NDA को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की औपचारिक कार्यवाही तेज हो गई है। राजभवन को सौंपा गया पत्र इसी प्रक्रिया की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। सूत्रों के अनुसार, 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा अवधि समाप्त करने के बाद, राज्यपाल नए सरकार गठन के लिए NDA गठबंधन को औपचारिक निमंत्रण दे सकते हैं।
इससे पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें नए नेता के चयन पर मुहर लगाई जाएगी। उसके बाद NDA की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम फैसला होगा।
नीतीश कुमार का राजभवन जाना इस बात का संकेत देता है कि सरकार गठन का खाका लगभग तय हो चुका है और औपचारिक घोषणा किसी भी समय हो सकती है। बिहार में यह राजनीतिक हलचल अगले 48 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है।
उधर भाजपा नेता प्रेम कुमार ने कैबिनेट मीटिंग के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 20 नवंबर को बिहार के गांधी मैदान पर सपथ ग्रहम समारोह आयोजित किया जाएगा।
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