नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से दो जगहों पर बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके चलते कुल 10 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में शुक्रवार, 29 अगस्त की देर रात बादल फट गया। इसके चलते कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। 5 लोग लापता हैं। वहीं रियासी जिले में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
Tragedy again in Jammu province… ???? A cloudburst in Rajgarh, Ramban snatched 4 precious lives & many are still missing. In Reasi, a landslide buried 7 members of one family. Unimaginable pain, entire families wiped out… My heart weeps for the victims. Prayers for the missing &… pic.twitter.com/5TSvmv79Nc
— Salman Nizami (@SalmanNizami_) August 30, 2025
रामबन के गडग्राम में बादल फटने की हुई घटना
स्थानीय अधिकारी ने बताया कि राजगढ़, रामबन के गडग्राम में बादल फटने की घटना हुई है। तीन शव बरामद कर लिए गए हैं, लापता लोगों की तलाश जारी है। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय अधिकारी पहुंचे हुए हैं।

वहीं, दूसरी ओर रियासी जिले के माहौर इलाके में बादल आसमान से आफत बरसी है। माहौर इलाके के बद्दर गांव में बीती रात बदल फटने से 7 लोगों की मौत हुई है। माहौर क्षेत्र के विधायक मोहम्मद खुर्शीद ने बताया कि वहां रात को परिवार सो रहा था। उन के घर पर पूरा मलबा आ गया और नीचे दब गए। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू किया और सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया है। यह एक गरीब परिवार था।
घटना के बाद रामबन के उपायुक्त इलियास खान समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रात करीब 2 बजे बचाव और राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए। पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है। स्थिति को संभालने और प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए काम किया जा रहा है।
जम्मू और कश्मीर में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। किश्तवाड़, कठुआ और डोडा जिलों में बादल फटे हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। बाढ़ की भी स्थिति बनी हुई है।
किश्तवाड़ में बादल फटने से 60 के करीब मौत
जम्मू और कश्मीर में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। किश्तवाड़ जिले के चोसिती गांव में मचैल माता तीर्थयात्रा मार्ग पर बादल फटने से भयावह स्थिति पैदा हो गई। ये हादसा 15 अगस्त के दिन हुआ था। इस हादसे में 60 के करीब लोगों की मौत हो गई। जिनमें दो CISF जवान और कई तीर्थयात्री शामिल हैं। करीब 50 से 220 लोग लापता बताए जा रहे हैं, और 100 से अधिक घायल हुए हैं।
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