WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: मंगलवार, 30 जनवरी को चंडीगढ़ में पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट के बाद मेयर चुनाव हुआ। जिसमें भारतीय जनता पार्टी को 16 वोटों के साथ जीत मिली। वहीं कांग्रेस तथा आप गठबंधन यानी कि इंडिया ब्लॉक को 12 वोट मिले। जिसके बाद बीजेपी के मनोज सोनकर को चंडीगढ़ का नया मेयर घोषित किया गया। बता दें कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की जीत घोषित किये जाने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी हो गया है। इस बीच आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हार के बाद हाईकोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि मेयर चुनाव परिणाम में दिनदङाड़े गड़बड़ी की गई है। हम चुनाव परिणाम के विरोध में हैं। जिसके बाद इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूरे मामले में चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करने के साथ ही कोर्ट ने नगर निगम तथा प्रशासन से तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव में बीजेपी की जीत तथा मनोज सोनकर को नया मेयर घोषित किये जाने पर आप पार्षदों का कहना है कि पिठासीन एक तो विलंब से आते हैं। 10 बजे चुनाव का समय था जो कि 10 बजकर 40 मिनट पर शुरु हुआ। जिसके बाद चुनाव के वोट काउंटिंग में जानबूझकर 8 वोटों को अमान्य घोषित कर देते हैं। आप पार्षदों ने मामले को लेकर कहा कि उनके पास मामले से जुड़ी वीडियोग्राफी भी है जो इस बात को जाहिर करती है कि पिठासीन अधिकारी ने जानबूझकर वोट के साथ छेड़खानी की है।
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