नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने आज सोमवार 23 सितम्बर को पदभार संभल लिया है। आतिशी आज 12 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची और उन्होंने सभी औपचारिकताओं को पूरा किया। मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के साथ ही उन्होंने यह भी तय कर दिया है कि भले ही सीएम की कुर्सी पर वह काबिज हैं, लेकिन सर्वोच्च स्थान पर अरविंद केजरीवाल ही रहेंगे. दरअसल आतिशी पूर्व सीएम अरविन्द केजरीवाल की कुर्शी पर नहीं बैठी उन्होंने केजरीवाल के लिए कुर्सी खाली छोड़ते हुए कहा 'जिस तरह भरत जी ने खड़ाऊं रखकर सिंहासन संभाला उसी तरह मैं सीएम की कुर्सी संभालूंगी.'
उन्होंने कहा कि ये कुर्सी केजरीवाल की वापसी तक इसी कमरे में रहेगी और इस कुर्सी को केजरीवाल का इंतजार रहेगा.
आतिशी ने कहा,'आज मेरे मन में भरत की व्यथा है. भाजपा ने अरविंद केजरीवाल पर कीचड़ उछालने में कोई कसर नहीं छोड़ी. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जबतक दिल्ली की जनता उनकी ईमानदारी साबित नहीं करते वो कुर्सी पर नहीं बैठेंगे और इस्तीफा दे दिया. दिल्ली के लोग दोबारा अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएंगे.
बता दें विगत मार्च महीने में दिल्ली शराब घोटाले में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. उसके बाद से अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय एक तरह से निष्क्रिय था. इस बार वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री आतिशी ने दिल्ली वालों के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया था. जिसमें अहम है दिल्ली की महिलाओं के लिए प्रतिमाह हजार रुपये सम्मान निधि राशि उनको देना. केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में बिजली-पानी मुफ्त देने के अलावा कई ऐसी योजनाओं का ऐलान होता रहा है. जिससे वर्ग विशेष को फायदा मिला है और सरकार चलती आ रही है. अब मुख्यमंत्री कार्यालय में पदभार संभालने के साथ ही आतिशी को सरकार की तरफ से घोषित इन योजनाओं को लागू कराने की चुनौती भी सामने है.
#WATCH दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। pic.twitter.com/B2CA3AWeJL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 23, 2024
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