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अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों, नागालैंड के आठ जिलों में छः महीनो के लिए बढ़ा सशस्त्र बल ( (विशेषाधिकार)अधिनियम (AFSPA)

Armed Forces (Special Powers) Act (AFSPA) extended for six months in three districts of Arunachal Pradesh, eight districts of Nagaland

नई दिल्ली - अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों और  नागालैंड के आठ जिलों  में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद सशस्त्र बल ( (विशेषाधिकार)अधिनियम (अफस्पा) और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नगालैंड के आठ जिलों और पांच दूसरे जिलों के 21 थाना क्षेत्रों को एक अप्रैल, 2024 से छह महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया था. 

गृह मंत्रालय ने अन्य अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने अफस्पा के तहत अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों और असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखाम पुलिस थाना क्षेत्रों के तहत आने वाले इलाकों को एक अप्रैल, 2024 से अशांत क्षेत्र घोषित किया था. अरुणाचल प्रदेश में कानून- व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई है.

अधिसूचना के अनुसार, "अब, अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिले और असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखाम थानाक्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 की धारा तीन के तहत एक अक्टूबर, 2024 से छह महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया जाता है."

गृह मंत्रालय ने  एक और  बयान कहा कि नगालैंड में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई. बुधवार रात जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन जिलों और थाना क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 की धारा तीन के तहत एक अक्टूबर, 2024 से और छह महीने के लिए फिर से अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है. 

एक अक्टूबर, 2024 से और छह महीने अशांत क्षेत्र घोषित 

नगालैंड के जिन जिलों में अफस्पा दोबारा लागू किया गया है उनमें दीमापुर, निउलैंड, चुमाउकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक और पेरेन शामिल हैं. नागालैंड में कोहिमा जिले के खुजामा, कोहिमा उत्तर, कोहिमा दक्षिण, जुब्जा और केजोचा थानाक्षेत्रों, मोकोकचुंग जिले के मंगकोलेम्बा, मोकोकचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगचेम और अनाकी सी थानाक्षेत्रों, लोंगलेंग जिले के यांगलोक थानाक्षेत्रों को भी अशांत घोषित किया गया है. इसके अलावा, वोखा जिले में भंडारी, चंपांग और रलान थानाक्षेत्रों और नागालैंड के जुन्हेबोटो जिले में घटाशी, पुघोबोटो, साटाखा, सुरुहुतो, जुन्हेबोटो और अघुनाटो थानाक्षेत्रों को भी अफस्पा के तहत अशांत घोषित किया गया है. 

गृह मंत्री अमित शाह ने पहले कहा था कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के 70 फीसदी क्षेत्रों से अफस्पा हटा दिया गया है, हालांकि यह जम्मू-कश्मीर में लागू है. किसी क्षेत्र या जिले को अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाता है ताकि वहां सशस्त्र बलों की गतिविधियों को सुगम बनाया जा सके. अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों को “कानून व्यवस्था बनाए रखने” के लिए आवश्यकता होने पर तलाशी लेने, गिरफ्तारी करने और गोलियां चलाने के व्यापक अधिकार मिलते हैं.

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