तूलिका भटनागर द्वारा लिखित पुस्तक 'देवदास आपटे बापू: भारत, एक अनकही कहानी' भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन, आपातकाल और आधुनिक राजनीतिक उदय के नौ दशकों की एक प्रामाणिक यात्रा है। यह आधिकारिक इतिहास के इतर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े दिग्गज बापू के दृष्टिकोण और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज है। यह पुस्तक भारत की एक सच्ची, अनकही कहानी प्रस्तुत करती है, जो आधिकारिक इतिहास से परे समानांतर दृष्टिकोण की दुर्लभ झलक देती है। 'देवदास आपटे बापू : भारत, एक अनकही कहानी' वर्षों के विस्तृत शोध और बापू के साथ लंबे संवादों पर आधारित है। यह 19वीं शताब्दी के मध्य से लेकर आज तक की यात्रा को समेटते हुए भारत की सामाजिक और राजनीतिक यात्रा को एक नई दृष्टि से प्रस्तुत करती है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएं और बिंदु इस प्रकार हैं
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य...
यह पुस्तक 19वीं सदी के मध्य से लेकर आज तक के भारत की सामाजिक और राजनीतिक यात्रा का समानांतर और अछूता विवरण प्रस्तुत करती है।
बापू का जीवन...
वडोदरा में एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले बापू (देवदास आपटे) ने संघ के प्रचारक, शिक्षक, किसान और राजनीतिक नेता के रूप में राष्ट्र के निर्णायक क्षणों को करीब से जिया है यह पुस्तक उसके बारे में भी बताती है।
अनकही दास्तान...
यह रचना केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि आधिकारिक इतिहास से परे भारत के निर्माण, टूटने और पुनरुत्थान की एक सच्ची कहानी है।
शोध और संवाद
यह पुस्तक वर्षों के विस्तृत शोध और बापू के साथ हुए लंबे साक्षात्कारों पर आधारित है, जो इसे अत्यंत प्रामाणिक बनाती है।
आप इस पुस्तक के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने या इसे ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए प्रभात प्रकाशन की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। तूलिका भटनागर द्वारा लिखित यह पुस्तक देवदास आपटे जी के उन अनकहे बातों को जीवंत करती है जिसके बारे में आज बहुत लोग अनजान हैं।
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