WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली : लगातार हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण एक बार फिर से मंलवार को दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर हो गया था। जिसके कारण आस-पास के इलाके में हल्का जलभराव हो गया था। लगातार पिछले 3 दिनों से लगातार खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली है। जल आयोग के द्वारा बताया गया है कि दिल्ली में यमुना का जलस्तर इस वक्त खतरे के निशान के नीचे है। हालिया जानकारी के मुताबिक शुक्रवार 18 अगस्त की सुबह यमुना में जलस्तर 203.92 मीटर था। जो कि खतरे के निशान से लगभग 1 मीटर कम है।

इससे ठीक एक माह पहले यानी कि 13 जुलाई को दिल्ली में यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड 208.66 मीटर तक पहुंच गया था। जिसने दिल्ली में पिछले 45 सालों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। उस वक्त दिल्ली के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया था। यातायात को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब ऐसे में एक बार फिर पहाड़ों पर हो रहे भूस्खन और बारिश ने दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है। जल विभाग के द्वारा यमुना के आस-पास के इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अबतक बाढ़ और भूस्खलन के कारण 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। साथ ही कई लोगों के लापता होने की खबर है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू का काम कर रही है। उत्तराखंड से 2014 को याद दिला देने वाली तस्वीर सामने आ रही है।
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