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भूलने की बीमारी को दूर करें योग

Yoga can cure forgetfulness

योग एक्सपर्ट

अक्सर व्यस्त जीवनशैली के चलते हम कुछ ना कुछ रोजमर्रा की जिंदगी में भूल ही जाते हैं , परंतु जरूरत से ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज भी बार-बार भूलना एक बीमारी का संकेत हो सकता है, इसीलिए कम उम्र में ही है भूलने की बीमारी तो हल्के में ना लें, हो जाएं सावधान।


कम नींद आना



अगर आप भी अनिद्रा (कम नींद लेना) के शिकार हैं तो संभल जाइए, क्योंकि इसका असर आपकी ब्रेन मेमोरी पर पड़ता है। नींद कम आने की वजह से न सिर्फ आपका स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि धीरे-धीरे आपके लिए चीजों को याद रखना मुश्किल हो जाता है। घर में चाबी या जेब में पैसे रखकर भूल जाना कोई आम बात नहीं है। जिस उम्र में लोगों की याद्दाश्त दुरुस्त होनी चाहिए उस उम्र चीजों को भूल जाना गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। टीनेजर्स में होने वाली इस बीमारी को डेमेंशिया या अल्जाइमर कहा जाता है। आइए जानते हैं आखिर इतनी कम उम्र में इस बीमारी की वजह क्या होती है.? बार-बार भूलने की दिक्कत से न सिर्फ आपको कई मौकों पर शर्मिंदगी उठानी पड़ती है बल्कि यह आपके लिए एल्जाइमर जैसे गंभीर रोग का इशारा हो सकती है। ऐसे में योग की मदद से आप अपनी याददाश्त तेज कर सकते हैं। हाल में हुए एक अमेरिकी शोध के अनुसार, प्रतिदिन 20 मिनट तक योगासनों का अभ्यास दिमाग के लिए ट्रेडमिल पर घंटों दौड़ने से अधिक फायदेमंद है। आइए जानें याददाश्त बढ़ाने और दिमाग तेज करने वाले कुछ प्रभावी योगासनों के बारे में।

 

स्ट्रेस

शायद आपको मालूम नहीं कि मानसिक अवसाद धीरे-धीरे आपकी ब्रेन मेमोरी को खोखला करता है। ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से लोग डेमेंशिया और अल्जाइमर के शिकार हो जाते हैं।

 

सर्वांगासन

प्रतिदिन सर्वांगासन के अभ्यास से दिमाग में रक्त संचार अच्छी तरह रहता है और याददाश्त तेज रहती है।
इसे करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को साथ रखें और हाथों को कमर पर रखें।
सांस अंदर की ओर लेते हुए दोनों पैरों को को पहले 30 डिग्री के कोण तक उठाएं, कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद 60 डिग्री तक उठाएं और फिर 90 डिग्री तक उठाएं।
अब सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को नीचे ले आएं और कुछ सेकंड शवासन में लेटें।
नोटः कमर और गर्दन में दर्द के मरीज इस आसन को न करें।

 

भुजंगासन

भुजंगासन न सिर्फ याददाश्त तेज रखता है बल्कि कमर दर्द से लेकर साटिका और स्लिप डिस्क जैसे रोगों में लाभदायक है।

  • इसे करने के लिए पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं और दोनों हाथों को कंधों के समानांतर रखें।
  • अब सांस लेते हुए हाथों के बल शरीर के अग्रभाग को ऊपर की ओर उठाएं और जितना हो सकें उतना खींचें।
  • 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

नोटः हार्निया के मरीज इस आसन को न करें।

 

कपालभाति प्राणायाम

इसे करने से श्वास की गति सामान्य होती है, एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह अच्छी तरह होता है।

·  इसे करने के लिए पहले सुखासन में बैठ जाएं।

· अब गहरी सांस लें और फिर मुंह बंद कर तेजी से सांस बाहर की ओर छोड़ें। इस दौरान पेट की गति साफ दिखनी चाहिए।

· 30 सेकंड बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।






 

अल्का सिंह
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

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