हमारी आदतें हमारी सेहत को काफी हद तक प्रभावित करती हैं। हमारी आदतें ही हमारे स्वभाव का परिचय देती हैं। ऐसे में हमारे अंदर की छुपी हुई कुछ नेगेटिव आदतें हमारी सेहत बिगाड़ सकती हैं। इन आदतों की वजह से हमारी मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ को भी काफी नुकसान होता है। आज की तेजी से भागती जिंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। काम का प्रेशर, गलत लाइफस्टाइल और अनहेल्दी आदतें हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं। हम एक ऐसी परिस्थिति का शिकार बनने लगतें हैं जो हमें बेवजह सोचने पर मजबूर तो करती ही हैं साथ ही हमारे शारीरिक क्षमता पर भी खासा असर डालती हैं। हमारी कुछ आदतें तो ऐसी होती हैं, जो हमें धीरे-धीरे बीमार बना देती हैं, लेकिन हमें इसका एहसास तक नहीं होता। हमें हमेशा जानने की आवश्यकता है कि कौन सी ऐसी आदतें हैं जो हमें खुशी देती हैं और कौन सी ऐसी जो इसमें बाधा बनती हैं। हम इन आदतों को खुशी छीनने वाली आदतें कह सकते हैं क्योंकि इनकी वजह से हम उदास रहने लगते हैं और आसपास के वातावरण को नकारात्मक कर देते हैं।
आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ टॉक्सिक आदतों के बारे में जो आपकी सेहत को बिगाड़ सकती हैं
शिकायत पालना... शिकायतें पालना एक ऐसी भावना है, जो न सिर्फ आपकी मेंटल हेल्थ को प्रभावित करती है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नेगेटिव असर डालती है।

शिकायत पालने से गुस्सा आता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है और तनाव का स्तर भी बढ़ता है। इसके अलावा, गुस्से की वजह से रिश्तों में भी दरार आ सकती है। इसलिए, गुस्से को कंट्रोल करना और इसे जल्दी से जल्दी छोड़ना जरूरी है।
काम के डेस्क पर खाना खाना... आजकल काम का प्रेशर इतना ज्यादा होता है कि लोगों के पास खाने के लिए भी समय नहीं होता। ऐसे में वे काम के डेस्क पर ही खाना खा लेते हैं।

यह आदत सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। डेस्क पर खाने से हम ठीक से चबाकर नहीं खाते, जिससे पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। साथ ही, डेस्क पर बैठे-बैठे खाने से शरीर में फैट जमा होने लगता है, जो मोटापे का कारण बन सकता है। जो हमें कई मायनों में शारीरिक और मानसिक दोनों ही समस्याओं से अवगत कराता है।
पानी कम पीना... पानी कम पीना भी इन्हीं आदतों में से एक है, जो हमें और हमारी सेहत को प्रभावित करता है। पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, थकान और किडनी की समस्याएं हो सकती हैं। पानी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। इसलिए दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
किसी भी स्थान पर लगातार और बहुत देर तक बैठना...इन सभी बुरी आदतों में से एक है किसी भी स्थान पर लगातार और बहुत देर तक बैठना। आजकल की लाइफस्टाइल में लोग घंटों तक बैठकर काम करते हैं। चाहे ऑफिस हो या घर, लोगों का ज्यादातर समय बैठे हुए ही बीतता है। लंबे समय तक बैठे रहने से मोटापा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और पीठ दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, हर एक घंटे में कुछ मिनट का ब्रेक लेना और थोड़ा चलना जरूरी है। इससे मन हल्का होता है औऱ काम करने में मन लगा रहता है।
ज्यादा अकेले रहना... अकेलापन मेंटल हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। ज्यादा अकेले रहने से डिप्रेशन, एंग्जाइटी और तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सोशल कॉन्टेक्ट और दोस्तों के साथ समय बिताना मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। अकेलेपन से बचने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं और नए लोगों से मिलें।
देर रात खाना... इसके अलावा देर रात खाना खाना भी हमें प्रभावित कर रहा है। देर रात खाना खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। रात में हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता। इससे वजन बढ़ने और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसलिए, रात का खाना सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लेना चाहिए।
ज्यादा चीनी खाना... अक्सर लोगों को मीठा पसंद होता है। तो ऐसे में ज्यादा चीनी खाना भी हमारी आदतों को खराब करता है।

चीनी का ज्यादा सेवन सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। ज्यादा चीनी खाने से मोटापा, डायबिटीज, दिल की बीमारियां और दांतों की समस्याएं हो सकती हैं। चीनी की जगह नेचुरल मिठास वाले फलों को खाना बेहतर है, जो हमें कई रोगों से मुक्ति पाने में मदद कर सकता है।
घमंड करना... खुद से प्यार करना अच्छी आदत है लेकिन सिर्फ खुद पर ही फोकस करना गलत है। यह आपकी खुशी छीन लेता है। हम समाज में रहने के लिए बने हैं और दूसरों की खुशी के बिना आपकी खुशी के कोई मायने नहीं हैं। दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करिए आपकी खुशियों की चाबी अपने आप मिल जाएगी। स्वार्थ के साथ किया गया कोई कार्य आपको खुशी नहीं दे सकता या शायद दे भी दे तो यह क्षण भर की होगी।
तनाव... यह खुशी छिन जाने का सबसे बड़ा कारण है। जब भी आप तनाव से ग्रस्त हों अध्यात्म का सहारा लें।

अध्यात्म आपको इससे बाहर कर देगा। तनाव किसी भी कारण से हो सकता है लेकिन इसका परिणाम एक ही होता है। आप दुखी रहने लगेंगे। तनाव हमारे दिल और दिमाग के उस रिक्त स्थान को भर देता है जहां ईश्वर के द्वारा बनाई गई शांति को होना चाहिए। यह आपसे खुशी छीन लेता है।
तुलना करना... तुलना आजकल वो बीमारी है जो तेज़ी से लोगों में फैल रही है। किसी के पास गाड़ी है तो किसी के पास बड़ा घर। सभी एक दूसरे से तुलना करने की होड़ में हैं। सभी भौतिक संसाधनों से तुलना कर रहे हैं कोई यह नहीं देख रहा कि किसके पास कितनी खुशी और शांति है। जिस दिन मनुष्य शांति और खुशी की तुलना करना शुरू कर देगा वह एक साधक बन जाएगा क्योंकि उसे शांति के लिए अध्यात्म की शरण में आना पड़ेगा।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
उदय इंडिया ब्यूरो
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