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सावन के पहले दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त कब से कब तक,जानिए पूरी खबर

When is the auspicious time to offer water to Shivling on the first day of Sawan, know the full news

नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 से शुरू हो जाएगा। बता दें कि सावन के दौरान शिव भक्तों का उत्साह और जोश भी बढ़ जाता है। कई भक्त सावन के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक शिव पूजन करते हैं और पवित्र शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। वहीं कुछ भक्त सावन सोमवार को भोलेनाथ की विशेष पूजा करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि सावन के पहले दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए कौन सा समय शुभ रहेगा। -----

सावन के पहले दिन इस मुहूर्त में शिवलिंग पर करें जल अर्पित

  • हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को बेहद ऊर्जादायक और चमत्कारी समय माना गया है। इसलिए सावन के पहले दिन आपको इस मुहूर्त में शिव पूजा भी करनी चाहिए और शिवलिंग का जलाभिषेक भी करना चाहिए। आपको बता दें कि 11 जुलाई यानि सावन के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। 
  • अगर आप ब्रह्म मुहूर्त में शिवलिंग पर जल न चढ़ा पाएं तो अमृत काल के दौरान भी शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ माना जाएगा। 11 जुलाई को अमृत काल सुबह 5 बजकर 30 मिनट से सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इस शुभ समय में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से अच्छे परिणाम आपको प्राप्त होंगे। 
  • 11 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। अगर आप सुबह के समय शिवलिंग पर जल न चढ़ा पाएं तो इस समय भी शिव पूजन और जलाभिषेक कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त को बेहद कल्याणकारी समय माना जाता है। 
  • इन मुहूर्तों के साथ ही प्रदोष काल में भी शिव पूजन का विशेष महत्व है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद के समय को कहा जाता है। इस समय भी शिवलिंग का जलाभिषेक आप कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद लगभग 8 बजे तक प्रदोष काल माना जाता है। 

इन शुभ मुहूर्तों में सावन के पहले दिन भगवान शिव की पूजा और शिवलिंग का जलाभिषेक करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आपको बता दें कि 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक सावन माह रहेगा। इस साल सावन में 4 सोमवार आएंगे। सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ ही योग-ध्यान करने से भी भक्तों को लाभ होता है। आदियोगी शिव व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं और जन्म-मरण के बंधनों से भी मुक्त करते हैं। इसलिए न केवल शिव जी की पूजा बल्कि ध्यान और आध्यात्मिक क्रिया कलाप भी आपको सावन में करने चाहिए। 

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