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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के प्रस्ताव पर वोटिंग, पक्ष में 251 और विरोध में 185 वोट पड़े

Voting on the Women's Reservation Bill in the Lok Sabha, 251 votes were cast in favour and 185 against.

नई दिल्ली: गुरुवार, 16 अप्रैल को मोदी सरकार द्वारा देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा दिया गया। सरकार ने आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया।

बता दें कि संविधान संशोधन बिल लाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में वोटिंग हुई। प्रस्ताव के पास होने के बाद इस पर चर्चा होगी। लोकसभा में अभी तक 333 वोट पड़े हैं। लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने बिल पेश करने के कदम के खिलाफ मतविभाजन पर जोर दिया था।

  • प्रस्ताव के पक्ष में अब तक 207 वोट पड़े
  • पेश करने के विरोध में विपक्ष के 126 वोट
  • अभी तक 333 वोट पड़े

संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।  

संविधान संशोधन बिल लाने के प्रस्ताव पर वोटिंग

  • संविधान संशोधन बिल के पक्ष में 251 वोट पड़े
  • पेश करने के विरोध में 185 वोट पड़े

    विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

    लोकसभा में बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी दोपहर 3 बजे इस पर भाषण देंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी। वहीं, राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। 18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। मोदी सरकार ने बिल को लेकर पूरी तैयारी की है वहीं, विपक्ष भी बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।

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