नई दिल्ली: गुरुवार, 16 अप्रैल को मोदी सरकार द्वारा देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा दिया गया। सरकार ने आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया।
बता दें कि संविधान संशोधन बिल लाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में वोटिंग हुई। प्रस्ताव के पास होने के बाद इस पर चर्चा होगी। लोकसभा में अभी तक 333 वोट पड़े हैं। लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने बिल पेश करने के कदम के खिलाफ मतविभाजन पर जोर दिया था।
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
लोकसभा में बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी दोपहर 3 बजे इस पर भाषण देंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी। वहीं, राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। 18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। मोदी सरकार ने बिल को लेकर पूरी तैयारी की है वहीं, विपक्ष भी बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।
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