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17 साल के सपनों की विराट जीत

Virat victory of 17 years of dreams

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। इसमें पहले से कुछ पाना काफी कठिन होता जब तक की उसका परिणाम ना आ जाए। लेकिन यदि धैर्य और आत्मविश्वास आपके भीतर हो तो अनिश्चितता को निश्चितता में बदला जा सकता है। और ऐसा ही कुछ 29 जून को देखने को मिला जब भारतीय टीम का मुकाबला साउथ अफ्रीका के साथ टी20 विश्वकप के फाइनल में हुआ। भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका झोली में रखे मैच को अपने गेंदबाजी के दम पर अपनी ओर मोड़ दिया और 17 साल के लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद आखिरकार भारतीय टीम ने टी20 विश्वकप को दूसरी बार अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने अफ्रीका की टीम के सामने कुल 176 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआती विकेट गंवाने के बाद अच्छा प्रदर्शन करते हुए मैच को रोमांचक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। पर अंत में भारतीय टीम को 7 रनों से जीत मिली। टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि अगर आपके अंदर विश्वास है तो आप असंभव को संभव कर सकते हैं। जिस धैर्य और आत्मविश्वास के साथ पूरे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा व टीम के खिलाड़ी खेले हैं और अजेय रहे हैं, ये किसी चमत्कार की बदौलत नहीं, बल्कि धैर्य और आत्मविश्वास के कारण सफलता मिली है।


17 साल का इंतजार हुआ खत्म
2 ,जून 2024 को शुरू हुए विश्व कप मुकाबले में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। विश्वकप में कुल 20 टीमों को चार ग्रुप में रखा गया और सभी मैचों को तीन चरणों में बांटा गया। जिसमें लीग स्टेज, सुपर 8 और नॉकआउट शामिल था। यह सभी मैच अमेरिका और वेस्टइंडीज के अलग-अलग मैदान पर खेले गए। जिसमें भारतीय टीम ने जीत के साथ अपनी शुरुआत की और पूरे लीग स्टेज में शीर्ष पर रही। लीग स्टेज में भारतीय टीम ने 4 में 3 मैच खेला।

जिसमें तीनों में जीत हासिल की। एक मैच खराब मौसम के कारण रद्द हो गया। सुपर 8 में भारतीय टीम ने कंगारु टीम, अफगानिस्तान और बांग्लादेश को पराजित किया और अपनी जगह सेमीफाइनल में पक्की की। सेमी फाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड के साथ हुआ जिसने 2022 में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में 10 विकेट से हराया था। इस बार भारतीय टीम ने इंग्लैंड की टीम को सेमीफाइनल में पटखनी दी और 68 रनों की बड़ी जीत दर्ज कर भारत ने अपनी जगह फाइनल में सुनिश्चित की। वहीं दूसरी ओर साउथ अफ्रीका की टीम भी पूरे विश्वकप में अपराजित रहते हुए फाइनल में पहुंची।

दोनों ही टीम के लिए यह मुकाबला अहम था। जहां 32 साल बाद किसी आईसीसी के मुकाबले में अफ्रीकी टीम फाइनल में पहुंची थी तो वहीं भारतीय टीम भी 17 साल के सूखे को खत्म करने मैदान में उतरी थी। आमतौर पर इस विश्वकप में सभी मुकाबले लो स्कोरिंग रहे थे, पर फाइनल में मुकाबला काफी टक्कर का हुआ औऱ अंत में भारतीय टीम ने जीत दर्ज कर 17 साल के सूखे को खत्म किया और दूसरी बार टी 20 विश्वकप जीता। वहीं एक बार फिर से साउथ अफ्रीका की टीम अपने चौकर्स के टैग को हटाने में नाकामयाब रही।

 

कौन-कौन रहा जीत का सुपरस्टार
वर्ष 2024 से पहले भारतीय टीम ने साल 2007 में विश्व कप अपने नाम किया था। जाहिर तौर पर पूरे सीजन में रनों के लिए तरसने वाले भारत के सुपर बल्लेबाज विराट कोहली फाइनल में भारत की जीत के हीरो रहे। पूरे सीजन में हुए आलोचना के बाद आखिरकार विराट के बल्ले से रन निकला औऱ ऐसा निकला की भारत की झोली में जीत का तोहफा दे गया। विराट ने फाइनल मुकाबले में 76 रनों की पारी महत्वपूर्ण पारी खेली। जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया है।

फाइनल का मुकाबला काफी रोमांचक रहा और भारत ने आखिरी गेंद पर मैच अपने नाम किया। फाइनल में भारत के जीत के सुपरस्टार विराट तो थे ही पर अहम किरदार निभाया अक्षर पटेल, शिवम दूबे, हार्दिक पांड्या और भारतीय गेंदबाजी यूनिट ने। जहां एक वक्त शुरुआती झटकों के बाद भारतीय टीम बैकफुट पर जा रही थी तो उस वक्त अक्षर पटेल की ताबड़तोड़ 47 रनों की पारी ने भारतीय टीम के रन गति को बनाए रखा और विराट के साथ अक्षर ने कुल 72 रनों की साझेदारी की। शिवम दुबे ने भी तेज 27 रनों की पारी खेली। भारत के लिए मैच में हार्दिक पांड्या ने तीन, बुमराह और अर्शदीप ने अहम दो-दो विकेट लिए, जिसकी बदौलत भारत ने दूसरी बार विश्व कप पर अपना कब्जा जमाया। अर्शदीप ने पूरे सीजन में 17 विकेट हासिल किया तो वहीं जसप्रीत बुमराह ने 15 विकेट अपने नाम किया और सबसे किफायती गेंदबाज रहे। साथ ही प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।

 

भारत की तरफ से सर्वाधिक रन स्कोरर
इस वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने सबसे ज्यादा रन बनाए। रोहित शर्मा ने 8 मैचों की 8 पारियों में 36.71 की औसत और 156.70 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 257 रन बनाए। रोहित शर्मा ने इस सीजन में 3 अर्धशतक लगाया और उनका बेस्ट स्कोर 92 रन रहा।

उन्होंने इस दौरान 24 चौके और 15 छक्के भी लगाए। रोहित शर्मा ने इसी के साथ टी20 में 200 छक्के भी पूरे किये। रोहित शर्मा भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे जबकि ओवरऑल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे। भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सूर्यकुमार यादव दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने 8 मैचों की 8 पारियों में 28.42 की औसत के साथ 199 रन बनाए।

 

कप्तान रोहित का टी20 में जीत का अर्धशतक

फाइनल में साउथ अफ्रीका को भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में हराया और वो 50 टी20आई मैच जीतने वाले दुनिया के पहले कप्तान भी बने। दूसरे नंबर पर 48 जीत के साथ पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम मौजूद हैं। रोहित ने बतौर कप्तान पिछले 10 टी20 मुकाबलों में से 9 में जीत दर्ज की है तो वहीं 1 मुकाबला खराब मौसम के कारण रद्द हुआ है।

पीएम मोदी ने दी बधाई

सोशल मीडिया X पर पीएम मोदी ने रोहित शर्मा को बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा था- "प्रिय रोहित शर्मा, आपकी आक्रामक मानसिकता, बल्लेबाजी और कप्तानी ने टीम इंडिया को एक नया आयाम दिया है।

आपका टी20 करियर हमेशा याद रखा जाएगा।" पीएम मोदी ने ये भी बताया कि उन्होंने रोहित शर्मा और टीम के अन्य सदस्यों से फोन पर बात भी की।


टी20 फॉर्मेट जितना ही छोटा है उतना ही कठिन होता है। कम समय सीमा और लिमिटेड ओवर में अधिक रन बनाना और उसे डीफेंड करना यह मुश्किल काम है। लेकिन यह फॉर्मेट उतना ही रोचक औऱ मजेदार होता है। और 2007 में शुरू हुए टी20 विश्वकप के बाद इस फॉर्मेट को काफी अहमियत मिली और इसने नए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका भी दिया। कई नए और दमदार प्लेयर की उत्पत्ति भी इसी फॉर्मेट से हुई जो आज विश्व के सबसे सफल खिलाड़ी हैं। ऐसे में दूसरी बार इस खिताब को भारत का अपने नाम करना इस फॉर्मेट को एक अलग पहचान दिलाता है और साथ ही लाखों-करोड़ों फैंस को इसे देखने पर भी मजबूत करता है। 

 

 

 

सत्विक उपाध्याय

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