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वाइब्रेंट गुजरात समिट : क्या विश्व व्यापार संगठन को दे सकेगा मात!

Vibrant Gujarat Summit: Will it be able to defeat WTO?

विश्वभर में एक उदाहरण के रूप में उभरते हुए, वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन ने गुजरात को आर्थिक और उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान पर स्थापित कर दिया है। इस सम्मेलन ने राज्य को एक ग्लोबल बाजार में प्रमोट करने में सहायक होने के साथ-साथ निवेश और व्यापार के क्षेत्र में बड़ी उछाल देने में सफलता प्राप्त की है, यहां सारांश इस प्रकार है जो वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के सफलतापूर्वक आयोजन की पृष्ठभूमि को दर्शाता है। गुजरात, जिसे विकास की शक्ति के केंद्र के रूप में जाना जाता है, ने वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के माध्यम से अपने उद्यमिता को संवर्धित करने का प्रयास किया है। इस सम्मेलन में उच्च स्तरीय नेतृत्व के साथ, गुजरात ने अनेक संगठनों और व्यापारिक गुरुओं को एक साथ लाने का कारगर तरीके से प्रयास किया है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सन 2003 से इस सम्मेलन ने उद्यमिता की स्थापना करने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने का मंच प्रदान किया है। यह सम्मेलन न केवल विभिन्न विषयों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, बल्कि यहां निर्मित योजनाओं को लागू करने का एक अद्वितीय अवसर भी प्रदान करता है।

सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों और व्यापारिक नेतृत्व के साथ चर्चा करने से गुजरात ने अपने विकास की रणनीतियों को सुनिश्चित किया है और एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया है। इसके अलावा, निवेशकों को सही दिशा में प्रवृत्त करने के लिए नैतिकता और सुरक्षा की दृष्टि से समृद्धि हासिल की है।

गुजरात के स्वरूप और स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को मजबूती से प्रमोट करने के लिए इस सम्मेलन ने कला और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी विभिन्न पहलुओं का समर्थन किया है। यहां स्थानीय कला के कलाकारों को एक मंच मिला है जिसने उन्हें अपनी कला को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया है।

आर्थिक और सामाजिक उद्दीपन के साथ, गुजरात ने वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के माध्यम से अपने नागरिकों को स्थानीय और विदेशी निवेशकों के साथ मिलकर एक विकसित राज्य का सपना देखने का अवसर प्रदान किया है। यह सम्मेलन न केवल विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए है, बल्कि यह भी एक सुदृढ़ और समृद्धिशील गुजरात की ओर प्रगामी कदम बढ़ाने में सहायक है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 10 जनवरी को महात्मा मंदिर गांधीनगर मे वाइब्रेंट गुजरात समिट के दसवें संस्करण का उद्घाटन किया जिसमे 34 देश एवं 10 भागीदार संगठन के अध्यक्ष शामिल रहें।

वर्ष 2024 के सम्मेलन का विषय "गेटवे टू द फ्यूचर" थीम पर आधारित है, जिनमे UAE  के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन मुख्य अतिथि के तौर पर समिट में भाग लेने आए।

 

"वाइब्रेंट गुजरात समिट" क्या है ?

वाइब्रेंट गुजरात या ग्लोबल समिट एक प्रकार का व्यापारिक मंच है जहाँ देश विदेश के व्यापारी, उद्योगपति एवं निवेशक एकत्रित होकर विभिन्न प्रकार के व्यपारिक अनुभव, कला एवं पहलुओं को साझा करते हैं, बीते कुछ वर्षों से वाइब्रेंट गुजरात समिट  गुजरात से होते हुए पूरे भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक मंचों मे से एक बन गया है।

यू.ए.ई., के साथ-साथ कई ऐसे राष्ट्र थे जिन्होने इस वाइब्रेंट गुजरात समिट में शिरकत की जिनमे मुख्यतः तंजानिया, ऑस्ट्रेलिया, मोरक्को, दक्षिण कोरिया,  मोजाम्बिक, एस्टोनिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, नार्वे,  नीदरलैंड, फिनलैंड,  रूस, जापान, रवान्डा, इंडोनेशिया, और वियतनाम जैसे कई राष्ट्रों की भूमिका एवं भागीदारी रही और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कई विषयों पर द्विवपक्षी वार्तालाप भी की गयी।

आने वाले समय में कदाचित वाइब्रेंट गुजरात समिट भी सम्भवतः वैशविक स्तर पर सूचारु हों जिसमे भारत का योगदान महत्व हो और वहीं से विश्व व्यापार संगठन का दूसरा नाम भारत हो ऐसी प्रकल्पना के साथ भारत अपने दूरगामी परिणाम को लेकर वर्ष 2003 से इस परियोजना मे लगा हुआ है, जिसकी परिसीमा पूर्व में गुजरात तक ही सीमित थी, परन्तु अब यह राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वित किया जाने लगा है।

वाइब्रेंट गुजरात समिट एक महत्वपूर्ण एवं महत्वकांक्षी आयोजन  जिसे गुजरात राज्य सरकार ने आयोजित किया था। इस समिट का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना और राज्य को एक विश्वस्तरीय व्यापारिक हब बनाना सुनिश्चित किया गया है, समिट में विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्यमियों, और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।

यहाँ प्रमुख विषयों में चर्चा हुई, जैसे कि वित्त, उद्योग, प्रौद्योगिकी, और पर्यावरण से संबंधित मुद्दे समिट में उद्यमियों को नए विचारों को जानने एवं समझने का अवसर मिला और उन्होंने आपसी समझ और सहयोग की बढ़ती आवश्यकता को समझाया, विभिन्न सत्रों में हुई प्रेजेंटेशन्स ने विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के द्वारा उच्च स्तरीय आयामों को साझा करने का माहौल बनाया तथा समिट ने गुजरात ही नहीं अपितु और राज्यों को एक बड़े स्तर पर उद्यमिता और विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्लेयर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने का उचित प्रयास किया। सरकार, उद्यमियों, और विशेषज्ञों के बीच सहयोग का वातावरण बनाने के लिए इस समिट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया की इसके माध्यम से गुजरात में  एवं बाकियों राज्य मे आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में नए गटवे को खोलने का निश्चय किया है।




निशांत मिश्रा
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

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