गुरुवार 6 अप्रैल को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का अंतिम दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करनी पड़ी। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि 13 मार्च से शुरू हुए संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा एवं राज्यसभा में बार-बार व्यवधान हुआ है। विपक्षी दल जेपीसी गठित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी तरफ, सत्तापक्ष ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लंदन में दिए गए एक बयान को लेकर उनसे माफी की मांग की है।

आज जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे और जेपीसी की मांग करने लगे। उनके हाथों में अपनी मांग लिखी तख्तियां भी थीं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी सदस्यों के व्यवहार ने सदन की गरिमा को कम किया है और उन्होंने "व्यवस्थित रूप से" कार्यवाही बाधित की है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार संसदीय प्रणाली के खिलाफ है और सदन या देश की गरिमा के लिए अच्छा नहीं है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर की दलीलों को नजरअंदाज कर दिया और अपना विरोध जारी रखा। ऐसे में अध्यक्ष बिड़ला ने अपने समापन भाषण को पूरा करने के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
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