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गुरुवार को हुई मुख्तार अंसारी की मौत के बाद हाई अलर्ट पर UP, धारा 144 लागू,पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव

UP on high alert after Mukhtar Ansari's death on Thursday, Section 144 imposed, body to be handed over to family members after postmortem

WRITER- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: गैंगस्टर-नेता मुख्तार अंसारी  की बृहस्पतिवार,28 मार्च की रात को बांदा में मौत हो गई।  जानकारी के मुताबिक बांदा जेल में मुख़्तार को हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद उसे बांदा मेडिकल कॉलेज  में भर्ती करवाया गया था।  जिसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बता दें कि आज यानी कि 29 मार्च को परिवार की मौजूदगी में मुख़्तार के शव का पोस्टमॉर्टम होगा। जिसके बाद मुख्तार अंसारी के शव को उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा। इस बीच मुख्तार अंसारी की हार्ट अटैक के कारण हुई मौत को लेकर उनके बेटे उमर ने अपने पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मुख्तार अंसारी को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था। अस्पताल की तरफ से जारी कि गए बयान में कहा गया है कि मुख्तार अंसारी को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। जहां उसे 9 डॉक्टरों की टीम के द्वारा चिकित्सा उपलब्ध करवायी गयी। लेकिन इलाज के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत हो गई। इस बीच शुक्रवार की सुबह मुख़्तार अंसारी का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। बांदा मेडकल कॉलेज में पांच डॉक्टरों की टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जाएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद अंसारी का शव उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

बता दें कि गुरुवार की देर रात मुख्तार अंसारी के मौत के बाद योगी सरकार एक्शन में आ गई है। घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा  दी गई है। इसके साथ ही बांदा, मऊ, ग़ाज़ीपुर समेत कई ज़िलों में सुरक्षा बढ़ाई गई। प्रयागराज, फ़िरोज़ाबाद समेत कई शहरों में पुलिस ने फ़्लैग मार्च भी किया। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद बांदा मेडिकल कॉलेज परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है। 

अपराध की दुनिया से सियासत में रखा कदम

मुख़्तार अंसारी अपराध की दुनिया से सियासत में कदम रखा था। साल 1996 में वो चुनावी मैदान में उतरा और बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की। मुख़्तार अंसारी मऊ से पांच बार विधायक रहा। कई चुनाव तो उसने जेल में रहते हुए लड़े और जीते। मुख्तार के खिलाफ हत्या, लूट और अपहरण जैसे 60 से ज़्यादा संगीन केस उसके ख़िलाफ़ दर्ज थे। अब तक उसकी 500 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी थी।

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